ईडी ने दाखिल की चार्जशीट, कहा- अनुब्रत मंडल और उनका पूरा परिवार गौ तस्करी से ऐसे करता था काली कमाई

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है. हाल में ईडी ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें बताया है कि अनुब्रत मंडल और उनके परिवार के सदस्य के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों ने किस तरह से गौ-तस्करी में काली कमाई की.
बीरभूम, मुकेश तिवारी. पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है. हाल में ईडी ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें बताया है कि अनुब्रत मंडल और उनके परिवार के सदस्य के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों ने किस तरह से गौ-तस्करी में काली कमाई की. यह भी कहा गया है कि पैन कार्ड के बगैर ही गौ तस्करी की काली कमाई करते थे. एक कम 99 के रूप में मोटी रकम उनके अकाउंट में जमा होता था.
ईडी ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि अनुब्रत मंडल, उनके परिवार और उनके साथियों के अलावा रिश्तेदारों ने भी गौ तस्करी से काली कमाई की. ईडी के सूत्रों ने बताया कि अनुब्रत मंडल द्वारा बैंक अकाउंट के मार्फत लेनदेन का अंतिम फिगर खाते में 49 अथवा 99 के रूप में देखा गया. ईडी का दावा है कि अनुब्रत मंडल के खाते में गौ तस्करी के कम से कम 48 करोड़ रुपये जमा हुए. उनकी बेटी सुकन्या मंडल के खाते में तीन बार 2 करोड़ की लॉटरी की राशि भी जमा हुई.
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ईडी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि बीरभूम के ‘बाघ’ अनुब्रत मंडल ने आयकर विभाग और बैंकों की निगरानी से बचने के लिए कई हथकंडे अपनाये. रकम ज्यादा न लगे, इसलिए खाते में 1 रुपये कम जमा किये गये. जब भी उनके अकाउंट में 50 हजार रुपये, 1 लाख रुपये या 2 लाख रुपये जमा किये गये, उसमें एक रुपया कम जमा किया गया. कैश डिपॉजिट मशीन से ही ज्यादातर पैसे जमा कराये गये.
ईडी का दावा है कि इस रणनीति को अपनाने से पैन कार्ड नंबर देने की जरूरत नहीं पड़ती थी. अनुब्रत मंडल ने लेन-देन में दो तरीके आजमाये. 50 हजार रुपये के मामले में 1 रुपये घटाकर 49 हजार 999 रुपये जमा कराये. 1 लाख रुपये लिये, तो 99 हजार 999 रुपये अपने खाते में जमा करवाये. दूसरी ओर, डिपॉजिट मशीन में जाकर बैंक में पैसे जमा किये गये. इससे पैसे जमा करवाने वालों को अपना पहचान पत्र या पैन कार्ड दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती थी. इससे पैसे जमा करने वाले की पहचान भी गुप्त रही.
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ईडी के सूत्रों की मानें, तो पहचान छुपाकर अनुब्रत मंडल के बैंक अकाउंट, उनकी बेटी के खाते, परिवार, कंपनी के खाते में लाखों, करोड़ों रुपये जमा हुए. ईडी के इस खुलासे के बाद सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा, ‘तृणमूल युग में लूटगिरी का कारोबार नया है. अनुब्रत के मामले में जो खुलासे हुए हैं, उससे साबित हो गया है कि अनुब्रत मंडल वास्तव में छलकपट का बाघ था.
बीरभूम जिला बीजेपी अध्यक्ष ध्रुव साहा ने कहा कि अनुब्रत मंडल ने अपनी काली कमाई में अपनी पुत्री को भी साझेदार बनाकर उसे भी जेल भिजवा दिया. सीए मनीष कोठारी अनुब्रत मंडल और उसकी काली कमाई को छुपाने में पूरा सहयोग करते थे. अनुब्रत धन लाता था, सुकन्या उसे चलाती थी और मनीष कोठरी उनकी मदद करता था. इन्होंने गौ तस्करी का पूरा पैसा इधर-उधर ट्रांसफर कर दिया, ताकि वे लोग पकड़े न जायें.
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