राहुल अयोध्या पहुंचे, हनुमानगढ़ी में की पूजा, लेकिन विवादित ढांचे से रहे दूर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Sep 2016 1:29 PM
अयोध्या : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन किये. वर्ष 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस के बाद अयोध्या की यात्रा करने वाले वाले नेहरु-गांधी परिवार के वह पहले सदस्य हैं. उत्तर प्रदेश में अपनी किसान यात्रा के चौथे दिन राहुल ने हनुमानगढ़ी में दर्शन से पहले महन्त ज्ञानदास से […]
अयोध्या : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन किये. वर्ष 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस के बाद अयोध्या की यात्रा करने वाले वाले नेहरु-गांधी परिवार के वह पहले सदस्य हैं.
उत्तर प्रदेश में अपनी किसान यात्रा के चौथे दिन राहुल ने हनुमानगढ़ी में दर्शन से पहले महन्त ज्ञानदास से मुलाकात की. ज्ञानदास विश्व हिन्दू परिषद के प्रति विरोधी रख रखने वाले माने जाते हैं.
राहुल नेहरु-गांधी परिवार के ऐसे पहले सदस्य हैं, जिन्होंने छह दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद अयोध्या की यात्रा की है. ऐसे में राहुल की हनुमान गढ़ी की यात्रा राजनीतिक लिहाज से भी महत्व रखती है. यह अयोध्या के विवादित स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर है.राहुल उस शिलान्यास स्थल से भी दूर रहे जहां वर्ष 1989 में राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी गयी थी.
इलाके के पुराने बाशिंदे बताते हैं कि करीब 26 साल पहले राहुल के पिता दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1990 में अपनी ‘सद्भावना यात्रा’ के दौरान हनुमानगढी मंदिर जाने का कार्यक्रम बनाया था लेकिन वक्त की कमी की वजह से वह वहां नहीं जा सके थे. राजीव गांधी की 21 मई 1991 को हत्या कर दी गयी थी. उस वक्त राहुल 20 साल के थे.
राजनीतिक पर्यवेक्षक राहुल की अयोध्या की यह यात्रा कांग्रेस के एजेंडे में हिन्दुत्व की हल्की छुअन देख रहे हैं. सियासी बिसात पर राहुल के हर कदम को होशियारी से बढा रहे चुनावी रणनीतिकार प्रशान्त किशोर की मंत्रणा से कांग्रेस ब्राह्मण-केंद्रित रणनीति के साथ सामने आती दिख रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पिछले महीने हुई वाराणसी की यात्रा के भी निहितार्थ निकाले गये. उस दौरान तबीयत खराब होने के बावजूद वह काशी विश्वनाथ मंदिर भी गयी थीं. सोनिया भी वर्ष 1992 से अयोध्या नहीं गयीं. वह चुनाव अभियान के तहत फैजाबाद गयी थीं.
हनुमानगढ़ी की यात्रा के बाद राहुल अपने रोडशो की तैयारी के लिए सर्किट हाउस लौट आये. राहुल अम्बेडकर नगर में किछौछा शरीफ की दरगाह भी जाएंगे. माना जा रहा है कि संतुलन बनाये रखने के लिए उनकी यात्रा तय की गयी है.
करीब 27 साल से प्रदेश की सत्ता से दूर कांग्रेस को सूबे में फिर से सियासी ताकत बनाने की योजना तैयार करने वाले प्रशांत किशोर का मानना है कि कांग्रेस को मुस्लिम, ब्राह्मण तथा अन्य पिछडा वर्गों के बाहुल्य वाले इलाकों में विधानसभा का चुनाव जीतना चाहिए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










