25 साल पहले गुंडों ने पिता की हत्या की, अब बेटी बनी जज
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Oct 2017 11:06 AM
विज्ञापन
मां ने केस लिया वापस मुजफ्फरनगर : अंजुम सैफी 1992 में महज चार साल की थीं जब गोलियों से छलनी उनके पिता का शरीर उनके घर पहुंचा था. उनके पिता बदमाशों की गोलियों का शिकार हुए थे. इस घटना को अब 25 वर्ष बीत चुके हैं. लेकिन अंजुम के जेहन में आज भी पिता की […]
विज्ञापन
मां ने केस लिया वापस
मुजफ्फरनगर : अंजुम सैफी 1992 में महज चार साल की थीं जब गोलियों से छलनी उनके पिता का शरीर उनके घर पहुंचा था. उनके पिता बदमाशों की गोलियों का शिकार हुए थे. इस घटना को अब 25 वर्ष बीत चुके हैं. लेकिन अंजुम के जेहन में आज भी पिता की धुंधली यादें ताजा हैं. वे हमेशा बेटी को जज बनने के लिए प्रेरित करते थे. अंजुम ने जब सफल अभ्यर्थियों की सूची में अपना नाम देखा, उनकी आंखें भर आईं.
गला रुंध गया, कुछ भी बोलते नहीं बना बस पिता को याद कर रो पड़ीं. आज अजुंम जज बनने की राह पर हैं. उनके पिता रशीद अहमद की बाजार में हार्डवेयर की दुकान थी, वहां लुटेरों के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोला था. बाजार में पुलिस की सुरक्षा को बढ़ाने की मांग को लेकर रशीद ने आंदोलन की अगुवाई भी की, एक दिन हॉकर से पैसे छीन रहे गुंडों को रोकने की कोशिश कर रहे अहमद को सरे बाजार गोलियों से भून दिया गया.
अंजुम की मां हामिदा बेगम ने बताया कि जब रिजल्ट आया तो सभी पड़ोसी और रिश्तेदार जश्न में थे. लेकिन, अंजुम बार-बार सभी से बस यही कह रही थी कि काश आज पापा यहां होते. अंजुम के बड़े भाई दिलशाद अहमद ने बताया कि पापा के जाने के बाद उनके सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी ने कड़ी मेहनत की है. हमने तमाम कठिनाइयों का दौर देखा लेकिन हम हारे नहीं और उसी का नतीजा है कि आज मेरी बहन इस मुकाम पर है. बता दें कि 40 साल के होने के बावजूद दिलशाद अहमद ने अभी शादी नहीं की है. अपनी बेटी की सफलता से उत्साहित हामिदा बेगम ने बताया कि हम चाहते थे कि हमारे बच्चे अच्छे से पढ़े लिखें और अपना नाम रोशन करें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










