सुखदेव सिंह गोगामेड़ी : हत्या कर कहां-कहां गए शूटर्स, जानें भागने से पकड़ाने तक की पूरी कहानी

राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त अभियान में राजपूत नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में शामिल दो शूटरों सहित तीन लोगों को चंडीगढ़ में पकड़े जाने के बाद गिरफ्तार किया है. आइए जानते है अपराधियों के भागने से पकड़ाने तक की पूरी कहानी...
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड : राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त अभियान में राजपूत नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में शामिल दो शूटरों सहित तीन लोगों को चंडीगढ़ में पकड़े जाने के बाद गिरफ्तार किया है. शनिवार रात चंडीगढ़ के एक होटल के बाहर से पकड़े गए आरोपियों को दिल्ली और राजस्थान पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच जयपुर लाया गया और उन्हें सोडाला थाने ले जाया गया. जयपुर के पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने रविवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शूटर नितिन फौजी और रोहित राठौड़ को उनके साथी उधम सिंह के साथ कल रात चंडीगढ़ के सेक्टर 22 में हिरासत में लिया गया था.
हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले नितिन फौजी भारतीय सेना में लांस नायक हैं. यह संयुक्त अभियान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा और राजस्थान पुलिस के विशेष पुलिस दल (एसआईटी) ने किया था. नितिन फौजी, रोहित राठौड़ और नवीन शेखावत पांच दिसंबर को जयपुर के श्याम नगर इलाके में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर गये थे. कुछ मिनटों तक गोगामेडी के साथ बात करने के बाद, उन्होंने उनपर गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गयी. दोनों निशानेबाजों ने नवीन शेखावत की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी.
इस घटना में गोगामेडी का निजी सुरक्षा गार्ड गोली लगने से घायल हो गया था. आरोपी वहां एक एसयूवी कार से गए थे जिसे नवीन शेखावत चला रहे थे. भागते समय आरोपियों ने एक स्कूटी चालक को गोली मार दी. पुलिस आयुक्त ने बताया कि हत्या के बाद दोनों राजस्थान रोडवेज की बस से डीडवाना पहुंचे और फिर उन्होंने सुजानगढ़ के लिए टैक्सी ली, वहां से वे धारूहेड़ा (हरियाणा) पहुंचे. उन्होंने बताया कि दोनों टैक्सी से धारूहेड़ा से रेवाडी पहुंचे और फिर ट्रेन पकड़ कर हिसार पहुंचे जहां उनकी मुलाकात उदम सिंह से हुई.
उन्होंने बताया कि तीनों टैक्सी से मनाली पहुंचे और चंडीगढ़ जाने से पहले दो दिन तक एक होटल में रुके. उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने तलाशी अभियान में राजस्थान पुलिस की मदद की. उनके अनुसार साथ ही पंजाब पुलिस के साथ भी इनपुट का आदान-प्रदान किया गया. लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े गैंगस्टर रोहित गोदारा ने एक फेसबुक पोस्ट में जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि गोगामेड़ी उसके दुश्मनों का समर्थन कर रहा है.
हत्या के मकसद के बारे में पूछे जाने पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि मकसद पर कोई स्पष्टता नहीं है और आरोपी से पूछताछ के बाद ही कुछ ठोस कहा जा सकता है. उन्होंने कहा, “मैं अभी मकसद पर टिप्पणी नहीं कर सकता. निशानेबाजों को कल रात पकड़ लिया गया और उनसे पूछताछ की जाएगी.” नवीन शेखावत की की भूमिका पर जोसेफ ने कहा कि वह भी अपराध में समान रूप से शामिल था. कल, जयपुर पुलिस ने जयपुर में नितिन फौजी की मदद करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. उसे एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया . मजिस्ट्रेट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया.
पुलिस आयुक्त ने कहा, “पहले चरण में निशानेबाजों (शूटरों) और उनकी मदद करने वालों को गिरफ्तार किया गया है. अगला चरण हत्या के मास्टरमाइंड और साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के बारे में है.” जोसेफ ने कहा कि मामला एनआईए को सौंपे जाने से पहले राजस्थान पुलिस यह काम पूरा कर लेगी. जब जयपुर पुलिस आयुक्त से पूछा गया कि हमले के बारे में खुफिया जानकारी और गोगामेड़ी द्वारा सुरक्षा की मांग करने वाले पत्रों के बावजूद उन्हें सुरक्षा क्यों प्रदान नहीं की गई, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा पहले ही न्यायिक जांच का आदेश दिया जा चुका है.
जयपुर पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी एक प्रेस नोट में कहा गया है कि घटना के दौरान, नितिन फौजी के पास दो पिस्तौल एवं कई मैगजीन थे, जबकि रोहित राठौड़ के पास एक पिस्तौल एवं एक मैगजीन थे. नितिन फौजी सात नवंबर को दो दिन की छुट्टी पर अपने घर महेंद्रगढ़ (हरियाणा) गया था. वहां रहने के दौरान, वह अपने दो दोस्तों भवानी सिंह और राहुल कोठाल के साथ खुडाना पुलिस में अनुपम सोनी और अन्य लोगों के साथ हाथापाई में शामिल हो गया. भवानी का अनुपम सोनी और नितिन फौजी से पुराना विवाद था. समझौता कराने के लिए भवानी और राहुल गए थे, जहां हाथापाई हो गई और पुलिस पहुंच गई.
हरियाणा पुलिस पर गोलियां चलाने के बाद तीनों मौके से भाग गए जिसके बाद महेंद्रगढ़ के सदर थाने में मामला दर्ज किया गया. इस बीच आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए हिसार पहुंचे और वहां उनके लिए व्यवस्था उधम सिंह ने की. भवानी सिंह पहले से ही रोहित गोदारा के संपर्क में था. उसने फोन पर नितिन फौजी को रोहित गोदारा से मिलवाया और उसे जयपुर में (गोगामेडी की) हत्या को अंजाम देने के लिए तैयार किया. पुलिस आयुक्त ने बताया कि शूटरों को हथियार का इंतजाम करने वाले गिरोह की पहचान कर ली गई है और अलग से जांच की जा रही है.
राजस्थान पुलिस ने प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को पांच लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने रविवार को कहा कि अपराध शाखा की एक टीम ने राजस्थान पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में दोनों अपराधियों को चंडीगढ़ के सेक्टर 22 से पकड़ा. सूत्रों के अनुसार उनके साथ एक सहयोगी उधम सिंह भी था, जिसे भी पकड़ लिया गया.
सोर्स : इनपुट भाषा
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By Aditya kumar
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