Rourkela News: स्मार्ट सिटी राउरकेला में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गयी है. आये दिन दुर्घटनाओं की खबरें मीडिया में सुर्खियां बन रही हैं. 15 अगस्त की दोपहर करीब 12:00 बजे हनुमान वाटिका से जन्माष्टमी की पूजा करके घर लौट रहे पिता-पुत्री एक भारी वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गये थे. लेकिन यह कोई अकेली घटना नहीं है, ऐसी कई दुर्घटनाएं आये दिन हो रही हैं.
पानपोष से बिरसा मुंडा चौक तक सड़क के दोनों ओर खड़े हो रहे वाहन
जानकारी के अनुसार, पानपोष चौक से बिरसा चौक तक दुकानदार और ग्राहक सड़क के दोनों ओर अपने वाहन पार्क कर रहे हैं. खासकर हॉकी चौक से हनुमान वाटिका चौक तक स्थानीय निवासी और मंदिर आने वाले श्रद्धालु सड़क पर ही वाहनों की पार्किंग कर रहे हैं. इसमें कोई शक नहीं कि शहर में पार्किंग स्थलों की कमी है. दूसरी ओर राउरकेला महानगर निगम (आरएमसी) या राउरकेला स्मार्ट सिटी लिमिटेड (आरएससीएल) द्वारा पार्किंग स्थल बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. शहर की आबादी बढ़ने के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं, इसलिए यातायात बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन यातायात अधिकारी इस समस्या को दूर करने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. हाल ही में बिरसा चैक के पास आरएससीएल द्वारा लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से एक बहु-स्तरीय कार पार्किंग (एमएलसीपी) का निर्माण किया गया है. यहां 180 कारों के लिए पार्किंग स्थल हैं. लेकिन विभागीय अधिकारियों में दूरदर्शिता की कमी के कारण इस परियोजना का लाभ शहर के लोगों को नहीं मिल रहा है.
समस्याओं के समाधान पर नहीं है अधिकारियों का ध्यान
मेन रोड डेली मार्केट क्षेत्र की दुकानों व बाजार में हमेशा भीड़ रहती है. इस इलाके में आने वाले ग्राहक अगर मल्टी-लेवल पार्किंग में अपने वाहन खड़े करते हैं, तो उन्हें लगभग आधा किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, इसलिए वे अपनी गाड़ियां लेकर डेली मार्केट में प्रवेश कर रहे हैं. इस समस्या से बचने के लिए मल्टी-लेवल कार पार्किंग से डेली मार्केट मुख्य मार्ग तक बैटरी से चलने वाले छोटे वाहन/ऑटो के संचालन की आवश्यकता है. लेकिन अधिकारी इस पहलू पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में कम से कम तीन-चार मल्टी-लेवल कार पार्किंग बनाना नितांत आवश्यक है. यहां बेलगाम ट्रैफिक समस्या का समाधान करने के लिए नये पार्किंग स्थल का निर्माण ही एकमात्र विकल्प है. इसे उदितनगर म्युनिसिपल कॉलेज के पास बनाया जा सकता है. इसी तरह पुराने टैक्सी स्टैंड के पास अनुपयोगी वर्क्स डिपार्टमेंट के आवासीय कॉलोनी में भी इस परियोजना के लिए विचार किया जा सकता है. वहीं अगर एमएलसीपी को ट्रैफिक गेट या पावर हाउस रोड के पास भी स्थापित किया जाये, तो शहरवासियों को काफी फायदा होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

