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Bhubaneswar News: प्रधानमंत्री मोदी ने बदला सरकारों के काम करने का नजरिया : जयशंकर

Updated at : 08 Jan 2025 11:56 PM (IST)
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Bhubaneswar News: प्रधानमंत्री मोदी ने बदला सरकारों के काम करने का नजरिया : जयशंकर

Bhubaneswar News:भुवनेश्वर में 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन बुधवार को शुरू हुआ. विदेश मंत्री ने विकसित भारत बनाने का आह्वान किया.

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Bhubaneswar News: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बुधवार को 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन शुरू हो गया. विदेश मंत्री एस जयशंकर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया और राज्य के सीएम मोहन चरण माझी द्वारा युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन किये जाने के साथ सम्मेलन की शुरुआत हुई. इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अनिवासी भारतीय और भारतीय मूल के व्यक्तियों से ‘विकसित भारत’ बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारों के काम करने का नजरिया बदल दिया है. उन्होंने देश को ‘चलता है’ से ‘होगा कैसे नहीं’ वाला एटिट्यूड दिया है.

भारत के विकास के लिए शुरू किये गये कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला

जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 से भारत के विकास के लिए शुरू किये गये विभिन्न अभियानों तथा कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला. मंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए काम करना महत्वपूर्ण है ताकि उनकी पूरी क्षमता का विकास हो सके. चाहे स्वच्छ भारत हो या बेटी पढ़ाओ, आवास या अन्न योजना, मुद्रा हो या स्वनिधि, आयुष्मान भारत हो या जल जीवन, इनमें से हर एक परिवर्तनकारी प्रयास रहा है. हालांकि, अगर आप इन्हें एक साथ देखें और बिंदुओं को जोड़ें, तो समझ आयेगा कि हम अपने युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित कर रहे हैं. वे (योजनाएं तथा कार्यक्रम) उनकी (युवाओं की) कौशल और रचनात्मकता को सामने लाने में मदद करेंगी, जिससे वैश्विक कार्यस्थल पर भारत की प्रतिभाओं की मौजूदगी सुनिश्चित होगी.

ओडिशा में निवेश की असीम संभावनाएं

माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य में निवेश की असीम संभावना है. यह भगवान जगन्नाथ की भूमि है, जो कला, शिल्प और वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है. अब यह भारत के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ””समृद्ध ओडिशा 2036”” और ””विकसित भारत 2047”” के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करने में ओडिशा अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा है. उन्होंने प्रवासी समुदाय से ओडिशा के समृद्ध पर्यटन क्षेत्र में अवसर तलाशने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि ओडिशा ”उत्कर्ष ओडिशा : मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025” की तैयारी कर रहा है. मुख्यमंत्री ने सभी को इसमें शामिल होने का हार्दिक निमंत्रण दिया.सीएम ने कहा कि राज्य के निवासी तब बहुत खुशी मनाते हैं, जब भारतीय मूल के लोग विदेशों में सफलता हासिल करते हैं. आप हमारे सांस्कृतिक ‘एम्बेसडर’ हैं, जो अपने मेजबान देशों में भारत की भावना को साकार कर रहे हैं और आप हमारा गौरव हैं. जब आप विदेश में सफलता हासिल करते हैं, तो हम यहां खुशी मनाते हैं.

भारतीय प्रवासियों ने दुनियाभर में सुदृढ़ता और उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह विश्व भर में भारतीयों के अमूल्य योगदान का सम्मान करने तथा भाईचारे एवं सहयोग के नये अवसरों को खोजने का मौका है. ओडिशा में इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी करना हमारे लिए अत्यंत सम्मान और गौरव की बात है. यह वैश्विक भारतीय पहचान की ताकत को प्रदर्शित करता है. हमारा देश लगभग 200 देशों में रहने वाले तीन करोड़ से अधिक भारतीयों के असाधारण योगदान का जश्न मना रहा है. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी होने से लेकर वैश्विक कंपनियों का नेतृत्व करने और दुनिया भर की सरकारों में नीतियों को आकार देने तक भारतीय प्रवासियों ने सुदृढ़ता और उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है. मुख्यमंत्री ने गोपीचंद हिंदुजा और एलएन मित्तल जैसे शीर्ष व्यापारिक हस्तियों, इंदिरा नूई, सुंदर पिचाई और सत्य नडेला जैसे सीइओ, वेंकट रामकृष्णन जैसे वैज्ञानिकों, बिभु महापात्रा जैसे फैशन डिजाइनरों का उल्लेख किया, जिन्होंने देश को गौरवान्वित किया है. मुख्यमंत्री ने आगंतुकों को बताया कि ओडिशा इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना है. उन्होंने प्रवासी भाइयों और बहनों से अपनी जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया.

नये भारत में 90,000 स्टार्टअप व 100 से अधिक यूनिकॉर्न

जयशंकर ने कहा कि जिस देश के बर्बाद होने की बात कही जा रही थी, उसने पूरी दुनिया को टीके और दवाइयां उपलब्ध करायीं. 90,000 स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न वाले नये भारत में ड्रोन दीदी, अटल टिंकरिंग लैब, हैकथॉन, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसी योजनाएं भारत को विश्व फलक पर स्थापित कर रही हैं. हमारा चंद्रयान-3 उतरना, आदित्य एल1 वेधशाला और प्रस्तावित गगनयान मिशन सशक्त प्रेरणा स्रोत हैं. डिजिटल दौर में यूपीआइ लेन-देन का इतने बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाना हमारे बुनियादी ढांचे और हमारी मानसिकता दोनों को दर्शाता है.

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