आरएसपी की सीएसआर स्वास्थ्य पहल से हजारों पार्श्वांचल गांवों के निवासी हो रहे लाभान्वित

राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) ने अपने निगमित सामाजिक दायित्व पहलों के माध्यम से अपने पार्श्वांचल क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डालना जारी रखा है.
राउरकेला. राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) ने अपने व्यापक निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहलों के माध्यम से अपने पार्श्वांचल क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डालना जारी रखा है. पार्श्वांचल क्षेत्रों और औद्योगिक बस्तियों के हजारों लोगों को विभिन्न सीएसआर स्वास्थ्य हस्तक्षेपों से लाभ मिल रहा है. प्रत्येक सप्ताह 25 विभिन्न पार्श्वांचल स्थानों पर आयोजित 50 चिकित्सा स्वास्थ्य शिविरों में जांचों से क्षेत्र की मौसमी और अन्य छोटी स्वास्थ्य समस्याओं से निबटने में मदद मिली है. इन शिविरों में उपचार और दवाएं नि:शुल्क दी जाती हैं. सेक्टर-6 में इस्पात संजीवनी, चिकटमाटी आदर्श इस्पात ग्राम और जल्डा पुनर्वास कॉलोनी में सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाले नि:शुल्क स्वास्थ्य केंद्र नियमित आधार पर स्थानीय आबादी की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं. इस्पात नगरी के झुग्गी-बस्तियों में सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली एक मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीबों और जरूरतमंदों की बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का ख्याल रख रही है.
चार बहुआयामी स्वास्थ्य शिविरों में 1000 से अधिक लोगों को हुआ लाभ
पिछले वित्त वर्ष में लाठीकटा ब्लॉक के सरकारी यूपी स्कूल असुरछापाल, लाठीकटा ब्लॉक के रांटो बिरकेरा में सरकारी गर्ल्स (एसएसडी) हाई स्कूल, कुआरमुंडा ब्लॉक में सरकारी हाई स्कूल, पदमपुर और बिसरा ब्लॉक में सरकारी हाई स्कूल, भालुलता में आयोजित चार बहु-आयामी स्वास्थ्य शिविरों से 1000 से अधिक गांव वालों को लाभ हुआ है. इस शिविर में इएनटी, नेत्र रोग, त्वचा, बाल चिकित्सा, स्त्री रोग और सामान्य चिकित्सा से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच करते हैं, जिससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य देखभाल सुलभ हो सके.
गंभीर मरीजों को आइजीएच में किया जाता है रेफर
इसके अलावा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों को विभिन्न परियोजनाओं के तहत मुफ्त चिकित्सा उपचार के लिए इस्पात जनरल अस्पताल (आइजीएच) में रेफर किया जाता है, जिसमें नि:शुल्क आंखों की शल्यचिकिता के लिए परियोजना सुनयना, सुनने की समस्या वाले लोगों के चिकित्सा हस्तक्षेप के लिए परियोजना सुश्रुति, नि:शुल्क शल्य चिकित्सा के प्रावधान के लिए परियोजना चरक, स्त्री रोग संबंधी विकारों के इलाज के लिए परियोजना सुरभि और टीबी के इलाज के लिए परियोजना अक्षय शामिल हैं. इसके अलावा, आइजीएच में प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) तथा परिवार कल्याण (एफडब्ल्यू) गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं, जिनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. इन नि:शुल्क एवं सुलभ चिकित्सा सेवाओं के साथ, आरएसपी कई लोगों के जीवन में ठोस बदलाव ला रहा है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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