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Bhubaneswar News: विधानसभा में रणेंद्र प्रताप स्वांई और उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव आये आमने-सामने, विजयवाड़ा के साथ वाल्टियर डिवीजन के विलय पर तीखी बहस

Updated at : 12 Dec 2024 12:38 AM (IST)
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Bhubaneswar News: विधानसभा में रणेंद्र प्रताप स्वांई और उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव आये आमने-सामने, विजयवाड़ा के साथ वाल्टियर डिवीजन के विलय पर तीखी बहस

Bhubaneswar News: ओडिशा विधानसभा में बीजद के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री के बीच विजयवाड़ा के साथ वाल्टियर डिवीजन के विलय पर तीखी बहस हुई.

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Bhubaneswar News: ओडिशा विधानसभा में आज वरिष्ठ बीजद नेता व विधायक रणेंद्र प्रताप स्वांई और उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव के बीच वाल्टियर रेलवे डिवीजन को साउथ सेंट्रल रेलवे जोन के तहत विजयवाड़ा के साथ विलय करने के प्रस्ताव को लेकर तीखी बहस हुई. श्री स्वांई ने केंद्रीय रेल मंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि बीजद इस तरह के कदम को स्वीकार नहीं करेगी. इसके विपरीत, श्री सिंहदेव ने दृढ़ता से कहा कि ओडिशा की रेलवे लाइन का एक इंच भी दूसरे राज्य को नहीं जाने दिया जायेगा. शून्यकाल के दौरान, श्री स्वांई ने इस मुद्दे को उठाते हुए याद दिलाया कि पूर्वी तट रेलवे (इसीआर) की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा के कार्यकाल के दौरान हुई थी. उन्होंने वर्तमान रेल मंत्री पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि हमें शर्म आती है कि हमने अपने वोटों से उन्हें दिल्ली भेजा. हम जानते हैं कि उन्हें ओडिशा से कोई लगाव नहीं है.

ओडिशा को 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा

रणेंद्र प्रताप स्वांई ने कहा कि अगर वाल्टिययर डिवीजन को साउथ सेंट्रल रेलवे और विजयवाड़ा के साथ मिला दिया गया, तो ओडिशा को 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा. श्री स्वांई ने आगे जोर देकर कहा कि पूर्वी तट रेलवे की स्थापना बीजू पटनायक के आशीर्वाद से हुई थी, लेकिन अब वाल्टियर डिवीजन को विजयवाड़ा के साथ मिलाने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने बताया कि यह डिवीजन वर्तमान में ओडिशा के लिए 20,000 करोड़ का राजस्व उत्पन्न करता है, जिसे विलय के बाद खो दिया जायेगा. उन्होंने ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की और राज्य के प्रति केंद्र सरकार की उदासीनता पर निराशा व्यक्त की. कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र काड़ाम ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ओडिशा को वाल्टियर डिवीजन से काफी राजस्व प्राप्त होता है. उन्होंने रेल मंत्री पर आरोप लगाया कि वह ओडिशा के हितों की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि वह स्वयं ओडिशा से आते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ओडिशा के खनिज संसाधनों को लूटने की योजना बना रही है और चेतावनी दी कि अगर केंद्रीय मंत्री इस मुद्दे को हल नहीं करते, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

ओडिशा की रेलवे लाइन का एक इंच दूसरे राज्य में नहीं जाने दिया जायेगा

आलोचनाओं का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने कहाकि ओडिशा की रेलवे लाइन का एक इंच भी दूसरे राज्य को नहीं जाने दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि ओडिशा में रेलवे के विकास के लिए 23,000 करोड़ मंजूर किये गये हैं, और रायगड़ा में एक स्वतंत्र डिवीजन की स्थापना के लिए 107 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. हालांकि, उन्होंने सवाल किया कि जब यूपीए सरकार के दौरान साउथ डिवीजन की स्थापना हुई, तब बीजेडी सांसदों ने इसका विरोध क्यों नहीं किया और वे चुप क्यों रहे.

16वें वित्त आयोग के लिए समिति का गठन नहीं होने पर प्रताप केसरी देव ने जतायी चिंता

राज्य सरकार ने अभी तक 16वें वित्त आयोग के लिए समिति का गठन नहीं किया है. यह देरी राज्य के हितों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि यह विकास के लिए आवश्यक धनराशि प्राप्त करने की क्षमता को बाधित कर सकती है. विपक्षी विधायक प्रताप केसरी देव ने बुधवार को विधानसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य सरकार गहरी नींद में है. 16वें वित्त आयोग की बैठक जनवरी में निर्धारित है, लेकिन जिला योजना समितियों का गठन नहीं हुआ है और कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है. राज्य सरकार की इस निष्क्रियता के कारण ओडिशा अपने उचित वित्तीय हिस्से से वंचित हो सकता है. देव ने यह भी कहा कि राज्य की आगामी पांच वर्षों की वित्तीय योजनाएं इसी ढांचे पर निर्भर करती हैं. उन्होंने सरकार से तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया और ओडिशा के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए सक्रिय रहने की आवश्यकता पर जोर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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