Bhubaneswar News: विकसित व आत्मनिर्भर ओडिशा के निर्माण में डॉ महताब का योगदान अतुलनीय : द्रौपदी मुर्मू
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Nov 2024 11:57 PM
Bhubaneswar News: नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में उत्कल केसरी डॉ हरेकृष्ण महताब के 125वीं जयंती समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया.
Bhubaneswar News: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में उत्कल केसरी डॉ हरेकृष्ण महताब के 125वीं जयंती समारोह का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि डॉ हरेकृष्ण महताब एक दूरदर्शी नेता थे. वे एक प्रख्यात लेखक थे और उन्होंने लेखन के साथ ही ओडिशा में एक स्वस्थ, सांस्कृतिक वातावरण निर्मित किया. उन्होंने ओडिशा की कला, साहित्य और संगीत को बढ़ावा देने में विपुल योगदान दिया. राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ हरेकृष्ण महताब के ओडिशा का मुख्यमंत्री रहते कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए. महानदी पर बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. हीराकुद और अन्य परियोजनाओं से ओडिशा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना. ओडिशा विधानसभा, राज्य सचिवालय, राज्य संग्रहालय, विभिन्न अकादमियों और नंदनकानन चिड़ियाघर की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा. डॉ महताब ने राज्य में खेलों के विकास को भी काफी महत्व दिया. उनके मार्गदर्शन में ही कटक में बारबाटी स्टेडियम का निर्माण हुआ. तत्कालीन बॉम्बे प्रांत के राज्यपाल के तौर पर अपने कार्यकाल में उन्होंने कई लोक कल्याणकारी कार्य किये, जिसके कारण उस समय के वृह्द अविभाजित बॉम्बे प्रांत के लोगों से उन्हें काफी सम्मान मिला. राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ हरेकृष्ण महताब ने अपने लेखों से लोगों में राष्ट्रवादी विचारों से अभिप्रेरित किया. उन्हें विश्वास है कि डॉ हरेकृष्ण महताब का नेतृत्व कौशल और राष्ट्रवादी विचार हमेशा हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे.
ओड़िया असमिता के जीवंत प्रतीक थे डॉ महताब : धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उत्कल केसरी डॉ हरे कृष्ण महताब ओडिशा का गर्व और गौरव हैं. वे केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि एक महान समाज सुधारक, प्रख्यात राजनेता, वक्ता, कवि, उपन्यासकार, प्रसिद्ध इतिहासकार और पत्रकार भी थे. वे ओड़िया अस्मिता के जीवंत प्रतीक थे. श्री प्रधान ने कहा कि ओडिशा के सपूत उत्कल केसरी डॉ महताब देश की एक अद्वितीय प्रतिभा थे. श्री प्रधान ने कहा कि महताब ने ऐसा बहुत कुछ लिखा है, जिसे आज हम इतिहास के नाम से पढ़ते हैं, और वह इतिहास भविष्य के लिए एक दर्पण का काम करता है.कटक से सांसद और हरेकृष्ण महताब के पुत्र भर्तृहरि महताब भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
अब हम कई राष्ट्रीय नायकों के योगदान को जानते हैं : मोहन चरण माझी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि सरकार उत्कल केशरी हरेकृष्ण महताब के लिए स्मारक स्थापित करेगी और उनके जीवन पर एक फिल्म बनायी जायेगी. उन्होंने कहा कि समाज अब सिर्फ एक परिवार के नहीं, बल्कि कई राष्ट्रीय नायकों के योगदान को जानता है. ओडिशा में भी हम अब अपने उन सभी नायकों की पूजा करने के लिए तैयार हैं, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. माझी ने कहा कि महताब को उनके निधन के 37 साल बाद यह ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी जा रही है. महताब के योगदान की सराहना करते हुए माझी ने कहा कि उन्होंने हीराकुद बांध की स्थापना की और राज्य की राजधानी को कटक से भुवनेश्वर स्थानांतरित करने के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
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