Bhubaneswar News: रत्न भंडार में आभूषणों की गणना का कार्य स्थगित, जून में पुन: शुरू होगी प्रक्रिया
Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 23 May 2026 11:32 PM
Bhubaneswar News: भीषण गर्मी को देखते हुए पुरी श्रीमंदिर के रत्न भंडार में आभूषणों की गणना का कार्य स्थगित कर दिया गया है.
Bhubaneswar News: पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूचीकरण एवं गणना प्रक्रिया 24 मई से अस्थायी रूप से स्थगित रहेगी. मंदिर प्रशासन ने शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि मौसम की स्थिति और भीड़ प्रबंधन की समीक्षा के बाद यह कार्य जून माह में पुनः शुरू किया जायेगा.
भगवान जगन्नाथ के आगामी प्रमुख पर्वों पर विशेष फोकस
मंदिर प्रशासन के अनुसार, प्रदेश में जारी भीषण गर्मी तथा मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में गणना और दस्तावेजीकरण कार्य जारी रखने से प्रशासनिक एवं परिचालन संबंधी कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे मंदिर की नियमित गतिविधियों के सुचारु संचालन पर प्रभाव पड़ सकता है. प्रशासन ने बताया कि फिलहाल भगवान जगन्नाथ के आगामी प्रमुख पर्वों, विशेषकर स्नान पूर्णिमा और विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इन आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक अनुष्ठानों के निर्बाध संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी. अधिकारियों ने कहा कि रत्न भंडार सूचीकरण कार्य के अगले चरण की विस्तृत योजना त्योहारों के कार्यक्रम और आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन करने के बाद तैयार की जायेगी. इस बीच मंदिर प्रशासन ने जानकारी दी कि अगले सप्ताह से छतीशा नियोग तथा मंदिर प्रबंधन समिति की संयुक्त बैठकों का सिलसिला शुरू होगा. इन बैठकों में आगामी पर्वों की तैयारियों के साथ-साथ रत्न भंडार सूचीकरण कार्य की आगे की रूपरेखा पर भी चर्चा की जायेगी. मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा, मंदिर प्रबंधन की सुचारु व्यवस्था तथा आगामी धार्मिक आयोजनों की सफल तैयारी को ध्यान में रखकर लिया गया है.
कानून मंत्री ने पुरी रथयात्रा की तैयारियों की समीक्षा की
पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और सेवायतों के साथ ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने राज्य अतिथि गृह में बैठक की. इसमें मंत्री ने अधिकारियों और सेवकों के बीच उचित समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया. हरिचंदन ने राज्य अतिथि गृह में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सेवक और अन्य हितधारक उपस्थित थे. मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि सेवाओं और प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखते हुए रथ यात्रा की सभी गतिविधियों को समन्वित, व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए चर्चा की गयी. उन्होंने 16 जुलाई से शुरू होने वाली भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा के दौरान दैतापति सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला. मंत्री ने कहा कि जब देवता 12वीं शताब्दी के पुरी स्थित मंदिर से वार्षिक रथ यात्रा के लिए बाहर आते हैं, तो दैतापति सेवक उनके संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं. उन्होंने कहा कि वह देवताओं की हर चीज का ध्यान रखते हैं, इसलिए अनुष्ठानों को समय पर संपन्न करने से उत्सव सुचारू रूप से संचालित होता है. हरिचंदन ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि दैतापति सेवकों में कोई भेद नहीं है और वे भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी भक्ति और सेवा में एकजुट रहते हैं. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी ने रथ यात्रा और रथ खींचने के लिए आवश्यक सामग्री की तैयारियों के बारे में बैठक में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रथ की लकड़ी, रस्सियां, वस्त्र, चंदन और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहले से ही भंडारित कर ली गयी हैं.
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