ePaper

Pune Porsche Accident: पोर्श कांड मामले में नाबालिग आरोपी को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी बेल

Updated at : 25 Jun 2024 6:29 PM (IST)
विज्ञापन
Pune Porsche Accident

Pune Porsche Accident | PTI

Pune Porsche Accident: बंबई हाई कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि पिछले महीने पुणे में पोर्श कार दुर्घटना में कथित रूप से शामिल 17 वर्षीय आरोपी को सुधार गृह से तुरंत छोड़ दिया जाए.

विज्ञापन

Pune Porsche Accident: पुणे पोर्श कांड में नाबालिग आरोपी को महाराष्ट्र हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दिया है. बेल के साथ कोर्ट ने कहा है कि नाबालिग आरोपी याचिकाकर्ता (बुआ) की देखरेख में रहेगा. कोर्ट ने नाबालिग को ऑब्जर्वेशन होम से छोड़ने का आदेश दिया. साथ ही उसकी हिरासत को भी अवैध करार दिया है. बता दें, पुलिस का दावा है कि 19 मई को शराब के नशे में कार चला रहे नाबालिग आरोपी ने अपनी पोर्श कार से एक बाइक में टक्कर मार दी थी. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी.

आरोपी को कोर्ट ने दी जमानत
नाबालिग आरोपी को कोर्ट से मिली जमानत को लेकर आरोपी के वकील प्रशांत पाटिल ने कहा है कि आज यानी मंगलवार को नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड की तीन रिमांड को हाई कोर्ट के सामने चुनौती दी. पाटिल ने कहा कि मामले को लेकर हमने कोर्ट में बहस की. बहस के बाद कोर्ट ने उसे जमानत पर के रिहा करने का आदेश सुना दिया.

पुणे स्थित सुधार गृह में रह रहा था नाबालिग आरोपी
बंबई हाई कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि पिछले महीने पुणे में पोर्श कार दुर्घटना में कथित रूप से शामिल 17 वर्षीय आरोपी को सुधार गृह से तुरंत छोड़ दिया जाए. आरोपी नाबालिग को महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक निगरानी गृह में रखा गया था. पुलिस का दावा है कि 19 मई की सुबह शराब के नशे में कार चला रहे किशोर ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी, जिससे दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी. न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग को निगरानी गृह भेजने के आदेश को रद्द कर दिया था. पीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए लड़के को छोड़ने का आदेश दिया और कहा कि नाबालिग आरोपी याचिकाकर्ता (बुआ) की देखरेख में रहेगा.

क्या है पूरा मामला
बता दें, पुणे के कल्याणी नगर में 19 मई को एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्श कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी. हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी. कार को कथित तौर पर नशे की हालत में किशोर चला रहा था. हादसे के बाद पुलिस ने नाबालिग आरोपी  को गिरफ्तार कर लिया और उसे किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया. जहां बोर्ड के सदस्य एलएन दानवाड़े की ओर से आरोपी को सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने, मनोचिकित्सक और डॉक्टर से परामर्श लेने के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस के साथ 15 दिन रहने जैसी नरम शर्तों पर आरोपी को जमानत दे दी थी. इस फैसले के खिलाफ मृतकों के परिजनों समेत कई अन्य लोगों के जमकर विरोध किया था. 

सीएम शिंदे ने पीड़ित परिजन को दिया चेक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे पोर्श कार हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ित के परिवार को आश्वासन दिया है कि सरकार इस मामले में उनके लिए न्याय सुनिश्चित करेगी. सीएम शिंदे ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का चेक भी दिया है. बता दें, बॉम्बे हाई कोर्ट ने आज यानी मंगलवार को नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है. भाषा इनपुट के साथ

Also Read: Parliament Session: ‘जय भीम… लोकसभा में शपथ लेते अससुद्दीन ओवैसी के नारे पर छिड़ा बवाल

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola