सारंडा में रफ्तार पकड़ेगी अर्थव्यवस्था, विजया-2 माइंस को मिली हरी झंडी
Published by : Sweta Vaidya Updated At : 19 May 2026 11:08 AM
विजया-2 माइंस
West Singhbhum News: करीब नौ महीने से बंद विजया-2 आयरन ओर माइंस को फिर से शुरू करने की अनुमति मिलने से सारंडा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के दोबारा तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
गुवा से संदीप की रिपोर्ट
West Singhbhum News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने देश की प्रमुख स्टील कंपनी टाटा स्टील को विजया-2 आयरन ओर माइंस के संचालन की अनुमति दे दी है. करीब नौ महीने से बंद इस खदान के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में फिर तेजी आने की उम्मीद जगी है. खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश में प्रशासन को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं. इसके बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है.
बेरोजगारी और ठप कारोबार को मिलेगा सहारा
विजया-2 माइंस बंद होने से सारंडा, बड़ाजामदा, गुवा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू क्षेत्र की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई थी. हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे, जबकि सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों से खड़े-खड़े जंग खा रहे थे. ट्रांसपोर्टिंग, गैरेज, ढाबा, होटल और छोटे व्यापार लगभग ठप हो गए थे. अब खदान के फिर से संचालन से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में फिर जान आने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों का मानना है कि सैकड़ों ट्रकों और डंपरों का संचालन फिर शुरू होगा, जिससे ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी.
उत्पादन और उद्योग को मिलेगा फायदा
विजया-2 माइंस की सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 30 लाख टन बताई जा रही है. खदान के चालू होने से टाटा स्टील को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा, जिससे उसकी लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी. इसका सीधा फायदा जमशेदपुर और आसपास के स्टील प्लांटों को मिलेगा.
सरकार को करोड़ों का राजस्व
खनन शुरू होने से झारखंड सरकार को हर महीने लगभग 3–4 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा. इसमें रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी फंड शामिल हैं. अनुमान है कि सालाना 35 से 50 करोड़ रुपये तक की आय केवल इसी एक माइंस से होगी, जिसे जिले के विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा.
स्थानीय बाजारों में लौटेगी रौनक
खनन बंद होने से सारंडा की आर्थिक गतिविधियां लगभग ठप पड़ गई थीं. अब माइंस के फिर चालू होने से बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा. छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों और मजदूरों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह फैसला सिर्फ एक खदान को चालू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम है.
यह भी पढ़ें: रांची में हिनू की पीएचईडी कॉलोनी में जलमीनार से पानी का रिसाव, जल्द होगी मरम्मत
यह भी पढ़ें: खेल नगरी गुमला में स्थापना दिवस का जश्न: DC दिलेश्वर महतो संग ‘रन फॉर गुमला’ में दौड़े सैकड़ों युवा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










