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दिव्यांग, बुजुर्ग व विद्यार्थियों की जगह बारातियों को ढो रही ग्रामगाड़ी

Updated at : 26 Apr 2024 11:32 PM (IST)
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दिव्यांग, बुजुर्ग व विद्यार्थियों की जगह बारातियों को ढो रही ग्रामगाड़ी

मुख्यमंत्री ग्रामगाड़ी से दिव्यांग, बुजुर्गों व विद्यार्थियों के बजाय बारातियों को लाने और ले जाने का मामला प्रकाश में आया है.

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नियम का उल्लंघन. ग्रामीणों ने संयुक्त परिवहन आयुक्त से की शिकायतसात दिनों में जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश

ग्रामगाड़ी को मनोहरपुर से नोवामुंडी तक परमिट

चाईबासा.

मुख्यमंत्री ग्रामगाड़ी से दिव्यांग, बुजुर्गों व विद्यार्थियों के बजाय बारातियों को लाने और ले जाने का मामला प्रकाश में आया है. इसे लेकर चिरिया के ग्रामीणों ने राज्य के संयुक्त परिवहन आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.ग्रामीणों ने विभाग को बताया है कि ग्रामगाड़ी को मनोहरपुर से हाटगम्हरिया भाया नोवामुंडी तक चलाने का परमिट दिया गया था, लेकिन बस का परिचालन बाराती ले जाने को किया गया है. ग्रामीणों की शिकायत के बाद संयुक्त परिवहन आयुक्त सह कोल्हान के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार ने इस मामले में जांच करवाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही जांच प्रतिवेदन सात दिनों के अंदर उपलब्ध कराने को भी कहा है.

बस मालिक को शोकॉज करने का निर्णय:

वहीं, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने हाटगम्हरिया, नोवामुंडी व मनोहरपुर के बीडीओ को मामले की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है. लेकिन, अब तक इस मामले में विभाग की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी है. लिहाजा, जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश एक्का ने बस मालिक को शोकॉज करने करने की बात कही है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. जल्दी ही बस मालिक को शोकॉज किया जायेगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई भी की जायेगी.

शिकायतकर्ताओं में ये हैं शामिल:

ग्रामीण मुंडा विजय सिंह लागुरी, उप मुखिया फूलमती लागुरी, दिव्या लोहरा, संध्या भुइयां, संगीता कुमारी, बागुन बोयपाई, लक्ष्मण मुंडा, सुखराम बडाइक, साहिल बरजो, गीता सुंडी, शंकर मुंडरी, मुकेश खालको, श्रीमती टूटी, सुजाता बोयपाई, पप्पू भुंइया, लक्ष्मी टूटी व मुगली बोदरा.

स्टेट व नेशनल हाइवे पर भी मिली परमिट:

गौरतलब है कि ग्राम गाड़ी योजना काे परिचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गयी थी. इसमें गाड़ी के परिचालन को मार्ग भी परिभाषित किया गया था. दरअसल, इस योजना में ग्रामीणों, बच्चों, दिव्यांगों, विद्यार्थियों व सीनियर सिटीजन को एक गांव से दूसरे गांव और प्रखंड मुख्यालय से जोड़ना है. वहीं, गाड़ी का परिचालन सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र के लिए 125 किमी व 70 किमी ग्रामीण क्षेत्र के लिए है. नयी गाड़ी खरीदने पर मालिका को प्रति किमी 18 रुपये सब्सिडी भी सरकार दे रही है. वहीं, हाइवे में उक्त गाड़ी का परिचालन 30 किमी तक ही हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, एक गाड़ी को हाइवे और स्टेट रोड पर परिचालन को भी परमिट दिया गया है, जो वाहन संचालकों के बीच चर्चा का विषय बना है.

जांच कर करेंगे शोकॉज:

मामले की जानकारी मिली है. जल्दी ही इसकी जांच कर वाहन मालिक के खिलाफ शोकॉज किया जायेगा. इसके बाद दोषी पाये जाने पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई भी की जायेगी.

-राजेश एक्का, डीटीओ

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