रेल हादसे में घायल नोवामुंडी के शुरू पान को मिला सहारा, जिला परिषद अध्यक्ष ने भेंट की बैसाखी

Updated at : 08 Apr 2026 9:51 PM (IST)
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Novamundi News

रेल हादसे में पैर गंवाने वाले युवक शुरू पान को बैसाखी भेंट करतीं जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन (बाएं). फोटो: प्रभात खबर

Novamundi News: नोवामुंडी के रेल हादसे में पैर गंवाने वाले युवक शुरू पान को जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेंन ने बैसाखी देकर नई उम्मीद दी. इस मानवीय पहल से उन्हें चलने-फिरने में सहारा मिला. स्थानीय स्तर पर इस कदम की सराहना हो रही है और इसे संवेदनशील प्रयास माना जा रहा है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Novamundi News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत महुदी पंचायत के इंदिरा टोला निवासी शुरू पान के जीवन में रेल दुर्घटना के बाद बड़ा बदलाव आया. हादसे में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई. इस कठिन समय में जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने मानवीय पहल करते हुए उनकी मदद के लिए आगे कदम बढ़ाया. उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा जामदा (रूता गुट्टू) के प्रभारी डॉ. हरिपद हेंब्रम के साथ मिलकर शुरू पान को बैसाखी भेंट की. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के एमपीडब्ल्यू भी मौजूद रहे.

बैसाखी से मिली नई उम्मीद

बैसाखी मिलने के बाद शुरू पान के जीवन में एक नई उम्मीद जगी है. अब वे सहारे के साथ चल-फिर सकेंगे और धीरे-धीरे अपने दैनिक कार्यों को फिर से शुरू कर पाएंगे. यह सहयोग उनके लिए न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी संबल प्रदान करने वाला साबित होगा.

मानवीय संवेदनाओं की मिसाल बनी पहल

इस अवसर पर मौजूद लोगों ने भी पीड़ित के प्रति सहानुभूति जताई और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. यह पहल समाज में मानवीय संवेदनाओं और सहयोग की भावना को दर्शाती है. स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया.

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स्थानीय स्तर पर मिल रही सराहना

शुरू पान की मदद के लिए उठाया गया यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों का मानना है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए इस तरह की पहल समाज में एक अच्छा संदेश देती है. यह घटना बताती है कि सामूहिक प्रयास और संवेदनशीलता से किसी के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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