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खूंटपानी में बाल संरक्षण समिति का गठन, बच्चों की शिक्षा पर जोर

Updated at : 10 Feb 2026 4:00 PM (IST)
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Kharsawan News

खूंटपानी के गुटिया पंचायत में आयोजित बैठक में शामिल पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि.

Kharsawan News: झारखंड में पश्चिम सिंहभूम के खूंटपानी के बड़ा गुटिया पंचायत में पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया. बैठक में बाल विवाह रोकथाम, बच्चों की शिक्षा, ड्रॉपआउट रोकने और बाल अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया. यह पहल बाल हितैषी पंचायत बनाने और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में अहम कदम है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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खूंटपानी से शचिंद्र दाश की रिपोर्ट

Kharsawan News: पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड अंतर्गत बड़ा गुटिया पंचायत में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पंचायत भवन में आयोजित बैठक में पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति (पीएलसीपीसी) का गठन किया गया. इस बैठक की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया हरिचरण हेंब्रम ने की. बैठक का उद्देश्य पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण व्यवस्था को सशक्त बनाना और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रणनीति तैयार करना रहा.

बाल विवाह और शिक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति, ड्रॉपआउट रोकने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि बाल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों और समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है. खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया.

सर्वसम्मति से बनाई गई पीएलसीपीसी

बैठक के उपरांत सर्वसम्मति से पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया. इस समिति में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ शिक्षक, स्वास्थ्य कर्मी, मुण्डा प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. समिति का उद्देश्य पंचायत स्तर पर बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार निगरानी और पहल करना होगा.

बाल हितैषी पंचायत बनाने का लक्ष्य

बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही. उन्होंने बाल हितैषी पंचायत की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा तभी संभव है, जब पंचायत स्तर पर मजबूत और संवेदनशील व्यवस्था हो. उन्होंने समिति के सदस्यों को बाल संरक्षण कानून, बच्चों से जुड़े जोखिम और समाधान की दिशा में प्रशिक्षण व सहयोग देने का आश्वासन भी दिया.

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स्थानीय स्तर पर होगी नियमित निगरानी

नवगठित समिति पंचायत क्षेत्र में बच्चों से जुड़े मामलों की पहचान करेगी और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचित करेगी. साथ ही बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित समस्याओं पर नियमित बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा. यह पहल बड़ा गुटिया पंचायत में बाल संरक्षण को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित और सशक्त हो सकेगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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