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गुमला के नवाडीह में नदी का पानी पी रहे लोग, कागजों में सिमटी योजना

Updated at : 10 Feb 2026 3:27 PM (IST)
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Water Crisis

गुमला के नवाडीह में नदी के पझरा से पानी निकालती महिला. फोटो: प्रभात खबर

Water Crisis: झारखंड में अभी गर्मी की शुरुआत नहीं हुई और अभी से ही गुमला प्रखंड के नवाडीह गांव में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. इस गांव के करीब 50 परिवार खटवा नदी का पझरा पानी पीने को मजबूर हैं. पेयजल व्यवस्था पूरी तरह फेल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जलमीनार मरम्मत और शुद्ध पानी की मांग की है. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Water Crisis: झारखंड के गुमला प्रखंड के नवाडीह गांव में सरकारी योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित होकर रह गई हैं. प्रशासन की निगरानी से दूर यह गांव आज भी पेयजल संकट का सामना कर रहा है. गांव के लगभग 50 परिवार शुद्ध पेयजल से वंचित हैं और मजबूरी में नदी का पानी पीने को विवश हैं. यह हालात ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर गंभीर असर डाल रहे हैं.

खटवा नदी बना पीने के पानी का सहारा

नवाडीह गांव के लोग खटवा नदी के पझरा पानी का इस्तेमाल पीने और घरेलू कामों के लिए कर रहे हैं. यही नदी मवेशियों का भी पानी पीने का मुख्य स्रोत है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी के किनारे चुआं खोदकर उसमें जमा होने वाले पानी को कटोरी से उबाछ कर डेगची में भरकर घर ले जाया जाता है. यही पानी पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहा है.

पेयजल व्यवस्था पूरी तरह फेल

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कभी जलमीनार और पेयजल योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज वह पूरी तरह से खराब पड़ी है. न तो पाइपलाइन से पानी आता है और न ही किसी तरह की मरम्मत की गई है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की लापरवाही के कारण गांव की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है.

स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

गंदा और असुरक्षित पानी पीने के कारण गांव में बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को अक्सर पेट से जुड़ी बीमारियां होती रहती हैं. बावजूद इसके अब तक स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़े किसी भी विभाग ने स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया है.

प्रशासन से ग्रामीणों की मांग

नवाडीह गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जलमीनार की मरम्मत कराई जाए और शुद्ध पेयजल की नियमित व्यवस्था की जाए. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसी बड़ी बीमारी का खतरा भी पैदा हो सकता है.

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क्या कहते हैं अधिकारी

इस मामले पर डीपीओ रमन कुमार ने कहा है कि नवाडीह गांव में जल संकट की समस्या को दूर करने की पहल की जा रही है. विभाग स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है और जल्द ही गांव में पानी की समस्या दूर की जाएगी. ग्रामीणों को अब प्रशासन की इस पहल के जमीन पर उतरने का इंतजार है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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