दहशत के लिए पीएलएफआइ लिखी बाइक चला रहे नक्सली

Updated at : 22 Feb 2017 1:06 AM (IST)
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दहशत के लिए पीएलएफआइ लिखी बाइक चला रहे नक्सली

लोंगाबेड़ा के जंगल से जब्त बाइकों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े किये इसका मकसद अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में पहचान बनाने की मंशा चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर जिले को नक्सलमुक्त करने में जुटे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ […]

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लोंगाबेड़ा के जंगल से जब्त बाइकों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े किये

इसका मकसद अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में पहचान बनाने की मंशा
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस और सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर जिले को नक्सलमुक्त करने में जुटे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के सदस्य बेखौफ होकर ग्रामीणों में दहशत पैदा करने के लिए खुलेआम खुद को नक्सली बता रहे हैं. इसका खुलासा सोमवार को टैबो घाटी में पुलिस और पीएलएफआइ नक्सली के बीच मुठभेड़ के बाद बरामद बाइक से हुई है. नक्सलियों द्वारा छोड़ी गयी बाइक के नंबर प्लेट पर पीएलएफआइ लिखा हुआ है. नक्सली संगठन के सदस्य ‘मैं हूं पीएलएफआइ’ बताकर घूम रहे हैं. इसके बावजूद ये पुलिस के पहुंच से दूर हैं.
पुलिस मुखबिरी से ज्यादा अपने दहशत पर भरोसा
रविवार को पुलिस की ओर से जब्त पांच मोटरसाइकिल में से एक मोटर साइकिल के पीछे नंबर प्लेट पर अंग्रेजी में पीएलएफआई शनी लिखा गया है. अनुमान है कि उक्त बाइक पीएलएफआइ नक्सली शनिचर सुरीन चलाता होगा. शायद यह पहला मामला है जब जंगल पार्टी अपनी बाइक पर संगठन का बोर्ड लगाकर घूम रही है. जाहिर है इसके पीछे का मकसद अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में पहचान बनाने की मंशा है. बरामद मोटरसाइकिल इस ओर इशारा कर रहे हैं कि संगठन से जुड़े लोगों को पुलिस की मुखबिरी से ज्यादा अपनी दहशत पर भरोसा है.
पैदल की जगह वाहनों का उपयोग कर रहे नक्सली
पुलिस सूत्रों की माने, तो नक्सली अब मूवमेंट के लिए वाहनों का इस्तेमाल करने लगे हैं. पहले ये पैदल जंगली रास्तों से सफर करते थे.
अब मूवमेंट को गति देने के लिए वाहनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. सुरक्षा बलों की जांच में यह साफ हो गया है कि पीएलएफआइ सदस्य अपने कैंप का सामान बाइक पर लेकर घूम रहे हैं. सुरक्षा कारणों से एक जगह कैंप लगाकर ठहरने की बजाय, अब संगठन के लोग रणनीति में बदलाव करते हुए हर दिन नये कैंप लगा रहे हैं.
एक बाइक के नंबर प्लेट पर ‘पीएलएफआइ शनि’ लिखा हुआ था
छोटे दस्ते में बंटकर चल रहे नक्सली
सुरक्षा बलों द्वारा पांच बाइक जब्त के आधार पर पुलिस को मिली सूचना को बल मिला है कि नक्सली अब छोटे दस्ते में बंट कर चल रहे हैं. पिछले दिनों सीआरपीएफ आइजी ने छोटे टुकड़ों में बंटकर चल रहे नक्सली दस्तों को टारगेट कर कार्रवाई का निर्देश दिया था. पुलिस को सूचना थी कि पीएलएफआइ के उग्रवादी जिदन गुड़िया, शनिचर सुरीन, मंगरा लुगुन, अजय पुरती, डाडु नाग, मनोज हेस्सा सहित कई लोंगाबेड़ा जंगल में है. पुलिस से घिरता देख सभी पैदल जंगल के रास्ते पैदल भागने में कामयाब रहे. पुलिस ने बाइक जब्त कर छह लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है.
पीछे के नंबर प्लेट पर साफ-साफ पीएलएफआइ लिखी बाइक पहली बार पुलिस के हाथ लगी है. इससे लगता है कि इनका मकसद अपने प्रभाव वाले इलाकों में अपनी पहचान कायम रखना होगा. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
अनीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक
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