सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत... गुरु गोबिंद सिंह का 350वां प्रकाशोत्सव मना

Updated at : 16 Jan 2017 5:19 AM (IST)
विज्ञापन
सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत... गुरु गोबिंद सिंह का 350वां प्रकाशोत्सव मना

जमशेदपुर की कीर्तन मंडली के साथ अरदास की गयी रात में स्त्री सत्संग और बच्चों ने शब्द कीर्तन किया चाईबासा : चाईबासा गुरुद्वारा में रविवार को सिखों के दसवें व अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाश उत्सव मनाया गया. इस दौरान निशान साहिब का चोला बदला गया. गुरुद्वारा में उपस्थित लोगों को गुरु […]

विज्ञापन

जमशेदपुर की कीर्तन मंडली के साथ अरदास की गयी

रात में स्त्री सत्संग और बच्चों ने शब्द कीर्तन किया
चाईबासा : चाईबासा गुरुद्वारा में रविवार को सिखों के दसवें व अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाश उत्सव मनाया गया. इस दौरान निशान साहिब का चोला बदला गया. गुरुद्वारा में उपस्थित लोगों को गुरु गोविंद सिंह की जीवनी के बारे में बताया गया. जमशेदपुर की कीर्तन मंडली के साथ अरदास की गयी. जमशेदपुर से आये यशपाल छावड़ा, दशपाल सिंह व जशपाल सिंह ने कीर्तन व संगीत प्रस्तुत किया. जशपाल छाबड़ा ने गुरु गोविंद सिंह के कौतुकों का वर्णन किया. उन्होंने कहा जे तोहे प्रेम खेलने का चाव, सिरधर तली गली मोरी आव.
सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत, पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहूं ना छाड़े खेत. इसके साथ लोगों के बीच लंगर बांटा गया. रात के सात से आठ बजे तक स्त्री सत्संग ने शब्द कीर्तन किया. छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों ने शब्द कीर्तन किया. प्रकाश पर्व में झींकपानी, केंद्रपोसी, राजखरसावां, केशरगड़िया के लोगों सहित गुरमुख सिंह खोखर, सुरिंदर सिंह, जशपाल सिंह, बलजीत सिंह खोखर, जशबीर सिंह, रौनक सिंह खोखर, सतपाल सिंह, हरजित सिंह, अमरीक सिंह, कृपाल सिंह, सरजीत सिंह खोखर, रोशन सिंह खोखर उपस्थित थे.
तैयारी में जुटे सिख समाज के लोग.
सप्ताह भर चला कार्यक्रम
गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश उत्सव सप्ताह भर मनाया गया. आठ जनवरी शुरू हुआ कार्यक्रम 15 जनवरी तक चला. आठ जनवरी को गुरुद्वारा से प्रभात फेरी निकाली गयी थी. यह शहर के मुख्य मार्ग होते हुए गुरुद्वारा पहुंची. वहीं 13 जनवरी को गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ शुरू किया गया. अखंड पाठ को जमशेदपुर के अमरीक सिंह और उनके साथियों ने संपूर्ण किया.
धर्म की रक्षा के लिए किया युद्ध
गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म बिहार के पटना में हुआ था. तत्कालीन राजाओं के जुल्म और जबरन धर्म परिवर्तन का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने लोगों को न्याय दिलाने के लिए युद्ध किया. जुल्म को खत्म किया. गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्रों ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola