मंदिर की जमीन पंसस ने हड़पा
Updated at : 10 Jan 2017 4:57 AM (IST)
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केरा . मां ठाकुराणी मंदिर की जमीन पर ग्रामीणों ने रोका निर्माण कार्य,कहा चक्रधरपुर : केरा पंचायत के जारकी शिमलाबाद गांव में मां ठाकुराणी मंदिर की जमीन पर सरकारी भवन का निर्माण का विरोध करते हुए सोमवार को कार्य रोक दिया. ग्रामीणों ने पूव पंसस बुधराव उरांव ने गांव के लोगों को धोखा में रख […]
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केरा . मां ठाकुराणी मंदिर की जमीन पर ग्रामीणों ने रोका निर्माण कार्य,कहा
चक्रधरपुर : केरा पंचायत के जारकी शिमलाबाद गांव में मां ठाकुराणी मंदिर की जमीन पर सरकारी भवन का निर्माण का विरोध करते हुए सोमवार को कार्य रोक दिया. ग्रामीणों ने पूव पंसस बुधराव उरांव ने गांव के लोगों को धोखा में रख कर मंदिर के नाम दान में दी गयी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम से करवा ली और उसी जमीन पर सरकारी भवन का निर्माण किया जा रहा है. इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने केरा पंचायत के जारकी शिमलाबाद गांव में सोमवार को एक बैठक की.
स्व हिमांशु व स्व दुखनी जमीन किया था दान:बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि मां ठाकुराणी मंदिर के नाम में स्व हिंमाशु मोदक ने सात डिसमिल व स्व दुखनी कुम्हारीन ने सात डिसमिल दान में दी थी. दुखनी कुम्हारीन का कोई वंशज नहीं है. हिंमाशु मोदक के वंशज चक्रधरपुर के थाना रोड में रहते हैं. दान में दिये जमीन पर पिछले 150 वर्षों से मेला व छऊ नृत्य का आयोजन किया जाता रहा है. पूर्व में इस जमीन में से सात डिसमिल जमीन को स्व हिमांशु के वंशज ने लालू प्रधान व अनंत प्रधान को बेच दिया. बैठक ग्राम मुंडा विरेंद्र नायक की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में प्रखंड प्रमुख नानकी कुजूर, मुखिया संजय हांसदा, झारखंड पिछड़ी मोर्चा के संयोजक सह समाजसेवी जय जगन्नाथ प्रधान, बेनी सागर प्रधान, चैतन्य नायक, दिरजो प्रधान, निराकार केराई, अगस्ती नायक,
तुरी केराई, विजेश्वरी प्रधान, किरण नायक, शंभु प्रधान, गणेश नायक, गोविंद नायक, दिनबंधु नायक, महेश नायक, हिमांशु नायक, प्रफुल्लो नायक, बासुदेव नायक, घासीराम नायक, एम प्रधान, दुर्गा चरण आदि ग्रामीण मौजूद थे. बैठक में ग्रामीणों ने पूर्व पंचायत समिति सदस्य बुधराम उरांव के पर आरोप लगाते हुए कहा कि बुधराम उरांव ग्रामीणों को धोखा में रख कर मंदिर के नाम दान में दी गयी जमीन को अपने नाम से रजिस्ट्री करवा ली. ग्रामीणों ने कहा कि श्री उरांव जिस जमीन को हथियाएं हुए हैं,
उस जमीन पर 150 वर्षों से मेला सह छऊ नृत्य का आयोजन किया जाता है. ग्रामीणों ने कहा कि सामुदायिक भवन को भी बुधराम उरांव अपने कब्जे में कर रखा है. साथ ही सामुदायिक भवन में लगने वाला चापालक को अपने घर में लगवा लिया है. बैठक में उपस्थित बुधराम उरांव व ग्रामीणों में तू-तू, मैं-मैं भी हुई.
विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण
धोखे से बुधराम ने अपने नाम करवायी रजिस्ट्री:ग्रामीण
दान में दिये जमीन की खरीदारी की बात ग्रामीणों को पता चलने पर ग्रामीणों ने ग्रामसभा कर जमीन को मंदिर के नाम से रजिस्ट्री करने की बात कही. जमीन की रजिस्ट्री करवाने वाले लालू प्रधान व अनंत प्रधान ने इसके एवज में पैसे मांगें, तो ग्रामीणों ने चंदा कर सात डिसमिल जमीन का पैसा वापस कर दिया. परंतु अन्य सात डिसमिल जमीन का पैसे ग्रामीणों के पास नहीं था. इस दौरान ग्राम सभा में उपस्थित पूर्व पंचायत समिति सदस्य बुधराम उरांव ने कहा कि सात डिसमिल का पैसा हम दे रहे हैं और जमीन को मंदिर के नाम से रजिस्ट्री कर देंगे. हमेशा की तरह इस जमीन पर ग्रामीणों द्वारा मेला व छऊ नृत्य का आयोजन किया जायेगा.
मेरी निजी जमीन है : बुधराम उरांव
शिमलाबाद गांव निवासी पूर्व पंचायत समिति सदस्य बुधराम उरांव ने कहा कि मैंने पैसे देकर जमीन खरीदी है. जमीन मेरा है. जमीन में को-ऑपरेटिव भवन सह प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन का उपयोग ग्रामीणों द्वारा किया जाता है.
निजी जमीन पर नहीं होता है सरकारी भवन निर्माण
केरा पंचायत के मुखिया संजय हांसदा ने कहा कि पंचायत में सरकारी भवन का निर्माण हो रहा है. लेकिन इसकी जानकारी हमें नहीं है. अनुदान में जमीन दिये बगैर ही बुधराम उरांव को-ऑपरेटिव भवन सह प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करवा रहे हैं. सरकारी भवन का निर्माण निजी जमीन पर नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जायेगी.
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