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चक्रधरपुर : रेलवे अस्पताल में 50 यूनिट ब्लड स्टोरेज सेंटर शुरू

Updated at : 20 Jun 2024 12:15 AM (IST)
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चक्रधरपुर : रेलवे अस्पताल में 50 यूनिट ब्लड स्टोरेज सेंटर शुरू

रेल मंडल अस्पताल में भर्ती मरीजों को ब्लड नहीं मिलने की समस्या दूर हो गयी है.

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प्रतिनिधि,चक्रधरपुर

रेल मंडल अस्पताल में भर्ती मरीजों को ब्लड नहीं मिलने की समस्या दूर हो गयी है. रेलवे अस्पताल प्रबंधन ने रेल मंडल अस्पताल में 50 यूनिट ब्लड का स्टोरेज सेंटर चालू किया है. जिसका फायदा रेलवे व गैर रेलवे के भर्ती मरीजों को होगा. वहीं, अस्पताल में ब्लड उपलब्ध होने से मरीजों व चिकित्सकों को राहत मिली है. ब्लड स्टोरेज सेंटर प्रभारी डॉ श्याम सोरेन व लैब टेक्नीशियन राज कुमार, श्रीराम कुमार, दीपक कुमार हैं. लैब टेक्नीशियन ब्लड स्टोरेज सेंटर के कंप्यूटरीकृत अत्याधुनिक उपकरणों को संचालित कर रहे हैं. टेक्नीशियनों ने बताया कि ब्लड स्टोरेज सेंटर में केवल 6 यूनिट ब्लड है. जिसे रेलवे अस्पताल में भर्ती एनिमिया के 4 मरीजों को दिया गया. पहले दिन 10 यूनिट ब्लड स्टोरेज सेंटर में लाया था. फिलहाल अस्पताल में 6 यूनिट ब्लड है.

स्टोरेज सेंटर में नयी कंप्यूटरीकृत मशीनों उपलब्ध

टेक्नीशियनों ने बताया कि सेंटर में पेसेंट काउंच-2, ब्लड स्टोरेज रेफ्रीजिरेटर, सेंट्रिफ्यूज मशीन, हॉमल रेफ्रीजिरेटर, माइक्रोस्कोप व अन्य खून की जांच की नयी मशीनें है. जिसके जरिये ब्लड में मौजूद तमाम तत्वों की स्थिति व उनकी संख्या का पता पलक झपकते मिल जायेगा. वहीं, सीजीएचएस दर से ढाई सौ से अधिक ब्लड जांच की सुविधा है.

रांची से चक्रधरपुर लाया जायेगा ब्लड

टेक्नीशियनों ने बताया कि नागरमल सेवा सदन रांची से रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर ब्लड स्टोरेज सेंटर ब्लड लाया जायेगा. जिसकी तमाम व्यवस्था रेलवे ने की है. जिसके लिये रेलवे अस्पताल प्रशासन व सेवा सदन रांची के बीच करार हुआ है. ब्लड को खराब होने से 10 दिन पहले ब्लड वापस रांची लौटा दिया जायेगा. ब्लड 34 दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं. जिसके बाद ब्लड खराब हो जाता है. जिससे ब्लड का समुचित उपयोग करना भी आवश्यक होता है. रेलवे अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति को देखते हुए स्टोरेज में ब्लड यूनिट बढ़ायी जायेगी.

ब्लड का मिलान करने में लगते हैं 45 मिनट

टेक्नीशियनों ने बताया कि मरीजों को ब्लड देने से पहले ब्लड के तत्वों का मिलान होता है. इसे मिलान करने में लगने वाला रसायन पदार्थों काफी महंगा होता है. जिसके लिए रेलवे ने गैर रेलवे के लोगों के लिए 1520 रुपये शुल्क निर्धारित किया है. जबकि रेलकर्मियों को यह शुल्क नहीं लगेगा. ब्लड की प्रक्रिया को पूरी करने में करीब एक घंटे का समय लगता है.

कोट

रेलवे अस्पताल में भर्ती मरीजों की समस्या को देखते हुए ब्लड स्टोरेज सेंटर शुरू किया गया है. ब्लड स्टोरेज सेंटर से ब्लड केवल रेलवे अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही मिलेगा. रेलवे अस्पताल में भर्ती गैर रेलवे लोगों के ब्लड के लिए ब्लड मिलान शुल्क लिया जायेगा.

-डॉ सुब्रत कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेल मंडल अस्पताल चक्रधरपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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