राज्य में पेयजल संकट, पत्थर धोने को चेकडैम बनाना गलत : सुदर्शन

Updated at : 05 Jun 2018 5:30 AM (IST)
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राज्य में पेयजल संकट, पत्थर धोने को चेकडैम बनाना गलत : सुदर्शन

बड़बिल : रोइड़ा पंचायत अंतर्गत पिछला घाट में सोना नदी पर टाटा स्टील की ओर से बनाये जा रहे चेकडैम का महानदी बचाओ आंदोलन के सुदर्शन दास ने भी विरोध किया है. सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान बड़बिल सिविल सोसाइटी के अशोक ठक्कर और महानदी बचाओ आंदोलन के सुदर्शन […]

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बड़बिल : रोइड़ा पंचायत अंतर्गत पिछला घाट में सोना नदी पर टाटा स्टील की ओर से बनाये जा रहे चेकडैम का महानदी बचाओ आंदोलन के सुदर्शन दास ने भी विरोध किया है. सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान बड़बिल सिविल सोसाइटी के अशोक ठक्कर और महानदी बचाओ आंदोलन के सुदर्शन दास ने कहा कि पूरे ओड़िशा में पेयजल की समस्या है. वहीं टाटा स्टील अपनी खड़बंद माइंस प्रोजेक्ट का पत्थर धोने के लिए सोना नदी का पानी इस्तेमाल करना चाहती है. कंपनी ने इस परियोजना के लिए सरकारी विभागों को अंधेरे में रखा. कंपनी ने कुंदरू नाला पर परियोजना की अनुमति मांगी और निर्माण सोना नदी पर किया जा रहा है.

सोना व कारो नदी बचाओ आंदोलन होगा शुरू
श्री दास ने कहा कि बुधवार को भुवनेश्वर स्थित टाटा स्टील के रिजनल कार्यालय में हम अपनी बातों पर मांग पत्र देंगे. उन्हें सात दिनों का समय देंगे. मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. वहीं सोना नदी और कारो नदी बचाओ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की.
कंपनियों के वर्ज्य पदार्थ से नाला बनी कारो नदी
प्रतिनिधिमंडल में सुदर्शन दास, बासुदेव भट्ट, अशोक ठक्कर, देबकान्त दास, भीमसेन जेना, सरोज गिरि व बसंत महंतो शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल ने ठाकुरानी स्थित दलकी नाला की स्थिति देखी. खनिज के वर्ज्य पदार्थ से जलस्रोत बंद हो गया है. इसके बाद दल कारा, उलीबुरु का दौरा किया. यहां रुंगटा प्लांट और केजेएस की जगन्नाथ स्टील के वर्ज्य पदार्थ से कारो नदी नाले में तब्दील हो गयी है.
चेकडैम बनने से आदिवासी ग्रामीणों को नहीं मिलेगा पानी
श्री दास ने कहा नदी पर चेकडैम बनने से नीचे रहने वाले आदिवासी ग्रामीणों को पीने व नहाने के लिए पानी नहीं मिलेगा. कंपनी ने ग्रामीणों से सुझाव नहीं ली. बिना ग्रामसभा के निर्माण कार्य शुरू किया. इसके कारण जोड़ा से बिलाईपदा ग्रामीणों को जल की समस्या हो रही है. हमारी मांग है कि कंपनी सोना नदी पर चेकडैम परियोजना बंद करे. ग्रामीणों पर दर्ज मामला वापस लिया जाये. परियोजना का विरोध करने वाले ग्रामीणों को काम से निकाला गया. उन्हें तुरंत काम पर रखा जाये. कंपनी अपनी सीएसआर फंड से सोना नदी और उसके नालों को पुनर्जीवित करे.
क्या है मामला
टाटा स्टील द्वारा सोना नदी पर बनाये जा रहे चेकडैम का स्थानीय ग्रामीण विरोध कर रहे हैं. गत माह ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर तोड़फोड़ और आगजनी की. बड़बिल सिविल सोसाइटी भी इसका विरोध कर रही है.
टाटा स्टील कुंदरू नाला नदी पर पंप हाउस परियोजना का निर्माण कर रही है. इसके लिए जलस्रोत विभाग, ओड़िशा सरकार से अनुमति ली गयी है. ऐसी परियोजना के लिए पाली सभा की अनुमति की जरूरत नहीं होती है. जलस्रोत विभाग ने सर्वे के बाद योजना को हरी झंडी दी है. वैसे टाटा स्टील क्षेत्र में जलस्तर बनाये रखने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण प्लांट साइट पर कर रही है. यहां पानी रि स्टोर किया जायेगा.
– प्रबंधक, खड़बंद आयरन एंड मैगनीज माइंस, टाटा स्टील
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