इंदिरा मुखर्जी समेत 15 आईपीएस जायेंगे बंगाल से बाहर, चुनाव आयोग ने देर रात जारी किया आदेश

Updated at : 19 Mar 2026 7:26 AM (IST)
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इंदिरा मुखर्जी समेत 15 आईपीएस जायेंगे बंगाल से बाहर, चुनाव आयोग ने देर रात जारी किया आदेश

बंगाल सचिवालय और चुनाव आयोग

Bengal Election: बंगाल कैडर के इन अधिकारियों का चुनाव आयोग ने पिछले दिनों तबादला किया था. अब इन लोगों को दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है. पर्यवेक्षक बन कर दूसरे राज्य जा रहे इन अधिकारियों में से अधिकतर ने आवश्यक प्रशिक्षण भी प्राप्त नहीं किया है.

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Bengal Election: कोलकाता: बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग बंगाल के नौकरशाहों को लेकर एक के बाद एक फैसले कर रहा है. बुधवार की देर रात चुनाव आयोग ने इंदिरा मुखर्जी समेत बंगाल के 15 आईपीएस को बंगाल से बाहर जाने का आदेश दिया है. देर रात जारी इस आदेश में कहा गया है कि तमिलनाडु और केरल समेत चार राज्यों विधानसभा चुनाव होने जा रहा हैं. इन राज्यों के कई अधिकारियों को पहले ही पर्यवेक्षक के रूप में दूसरे राज्यों में भेजा जा चुका है. ऐसे में बंगाल के 15 और अधिकारियों को उन राज्यों में भेजने का फैसला किया गया है. इस सूची में अधिकतर ऐसे नाम हैं जिन्हें पिछले दिनों उनके पद से हटा दिया गया था.

कई अधिकारियों को भेजा जा चुका है बाहर

चुनाव की घोषणा होने तक राज्य के गृह सचिव रहे जगदीश प्रसाद मीना को भी पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु भेजा गया है. विधाननगर कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त मुरलीधर शर्मा और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के सीपी सैयद वकार राजा को भी पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु भेजा गया है. अधिकारियों अभिजीत बनर्जी, धृतिमान सरकार और अमनदीप सिंह को भी पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और केरल में कुल 15 लोगों को भेजा है.

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इन अधिकारियों का सूची में नाम

इस सूची में राशिद मुनीर खान, संदीप कारा, प्रियब्रत रॉय शामिल हैं. प्रवीण कुमार त्रिपाठी, मुकेश, मुरलीधर शर्मा, इंदिरा मुखर्जी, धृतिमान सरकार,सी. सुधाकर, भास्कर मुखर्जी, अभिजीत बनर्जी, अमनदीप सिंह, आकाश मघरिया, आलोक राजोरिया और सैयद वकार राजा. इनमें से कई अधिकारियों का तबादला चुनाव आयोग द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर किया गया था. अब उन्हें दूसरे राज्य में भेजा गया है. इतना ही नहीं, इन 15 अधिकारियों में से अधिकतर ने पर्यवेक्षक बनने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्राप्त नहीं किया है. इसलिए सवाल उठता है कि उन्हें इतनी जल्दबाजी में क्यों भेजा गया.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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