रामो बिरूवा का उत्तराधिकारी आनंद चातार गिरफ्तार, जेल

Updated at : 03 Jun 2018 4:30 AM (IST)
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रामो बिरूवा का उत्तराधिकारी आनंद चातार गिरफ्तार, जेल

मांग गलत साबित करने पर 15 अरब रुपये देने की पेशकश की थी रामो की की गिरफ्तारी के छह घंटे बाद पुलिस ने एसपीजी मिशन कंपाउंड से किया गिरफ्तार मझगांव का रहनेवाला है आनंद, चाईबासा में पढ़ाई कर रहा था चाईबासा : कोल्हान को अलग देश का दर्जा देने की मांग करनेवाले रामो बिरुवा की […]

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मांग गलत साबित करने पर 15 अरब रुपये देने की पेशकश की थी

रामो की की गिरफ्तारी के छह घंटे बाद पुलिस ने एसपीजी मिशन कंपाउंड से किया गिरफ्तार
मझगांव का रहनेवाला है आनंद, चाईबासा में पढ़ाई कर रहा था
चाईबासा : कोल्हान को अलग देश का दर्जा देने की मांग करनेवाले रामो बिरुवा की गिरफ्तारी के छह घंटे बाद उसके उत्तराधिकारी आनंद चातार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आनंद की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह रामो बिरुवा की गिरफ्तारी के बाद स्थिति का जायजा लेने शुक्रवार की रात 10 बजे चाईबासा स्थित एसपीजी मिशन कंपाउंड पहुंचा था. पुलिस ने कोर्ट में पेश कर शनिवार को उसे जेल भेज दिया. अलग कोल्हान देश का दर्जा की मांग करने के आरोपियों में आनंद भी शामिल है. वह पुलिस से छुप कर रह रहा था. जानकारी के अनुसार, रामो की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को शक था कि उसके अन्य सहयोगी कोई कागजात लेने या मकान खाली करने मिशन कंपाउंड आ सकते हैं. इसे देखते हुए पुलिस को वहां सादे लिबास में तैनात किया गया था.
रामो के कमरे को खाली करने की नीयत से आनंद रात 10 बजे मिशन कंपाउंड पहुंचा था. यहां आकर वह रामो के अन्य सहयोगियों की तलाश कर रहा था. इसी दौरान पुलिस की नजर उस पर पड़ गयी. पुलिस को देख वह भागने लगा. पुलिस ने दौड़ा कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
चिट्ठी के माध्यम से संभाल रखा था मोर्चा : राजद्रोह का केस दर्ज होने के बाद रामो बिरूवा भूमगित हो गया था. तब से आनंद ने ही भूमिगत होकर मोर्चा संभाल रखा था. वह चिट्ठी के माध्यम से लगातार अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख रहा था. राजद्रोह के केस में भूमिगत होने के बाद भी उसने अपनी मांग को जायज ठहराया था. इसके लिए उसने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखा था, जिसमें, उसने दावा किया था कि अगर उसकी मांग गलत साबित हुई, तो वह प्रशासन को 15 अरब रुपये देगा. इसके अलावा कई अन्य पत्र भी उसने डीसी को लिखे थे. डीसी को सौंपे गये पत्र की बकायदा वह प्राप्ति भी डीसी कार्यालय से प्राप्त करता था. इसके बावजूद वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था. आनंद चातार मूल रूप से मझगांव का रहनेवाला है. वह शिक्षक बनने के लक्ष्य से चाईबासा में रह कर पीजी की पढ़ाई कर रहा था. इसी दौरान वह रामो के संपर्क में आकर उसकी मुहिम से जुड़ गया. अवैध रूप से राजस्व वसूली के मामले में 8 अप्रैल 2017 को रामो की गिरफ्तारी के बाद आनंद का नाम खुल कर सामने आया था. वह खुद को आंवला पीड़ के खेवटदार सरकार मानकी बताता था.
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