पश्चिमी सिंहभूम: संयुक्त यूनियन का आंदोलन लाया रंग, फिलहाल टली बायोमेट्रिक व्यवस्था 

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West Singhbhum News

प्रबंधन, प्रशासन और संयुक्त यूनियनों के बीच हुई बैठक

West Singhbhum News : सेल खदानों में बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर हुआ श्रमिक आंदोलन बातचीत के बाद खत्म हो गया. प्रबंधन और यूनियनों ने सहमति जताई कि न्यायालय के अंतिम आदेश तक पुरानी हाजिरी व्यवस्था लागू रहेगी और कामकाज फिर से सामान्य हो गया.

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गुवा से संदीप की रिपोर्ट 

West Singhbhum News : सेल की लौह अयस्क खदानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर चल रहा श्रमिकों का आंदोलन सोमवार शाम सकारात्मक दिशा में पहुंच गया. प्रबंधन, प्रशासन और संयुक्त यूनियनों के बीच हुई बैठक के बाद फिलहाल बायोमेट्रिक सिस्टम लागू नहीं करने का फैसला लिया गया. तय हुआ कि जब तक बायोमेट्रिक प्रणाली से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक सेल की खदानों में पुरानी हाजिरी व्यवस्था ही जारी रहेगी.

बातचीत के बाद बनी सहमति, श्रमिक लौटे काम पर 

प्रबंधन के आश्वासन के बाद संयुक्त यूनियनों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया. इसके बाद रात की पाली से श्रमिक दोबारा काम पर लौट गए और खदानों में कामकाज सामान्य होने लगा. इससे पहले सोमवार को गुवा स्थित एचआरडी भवन में प्रबंधन, प्रशासन और संयुक्त यूनियनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई थी, लेकिन प्रारंभिक चरण में कोई सहमति नहीं बन सकी. वार्ता विफल रहने पर संयुक्त यूनियनों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए स्पष्ट कहा था कि न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू नहीं होने दी जाएगी. 

एसडीपीओ ने संवाद से समाधान की अपील की 

बैठक में किरीबुरू के एसडीपीओ विनीत कुमार किंडो भी उपस्थित रहे. उन्होंने सभी पक्षों से न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की.

बायोमेट्रिक पर यूनियन की आपत्ति, पुरानी व्यवस्था की मांग 

यूनियन नेताओं ने कहा कि वे न्यायालय का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन मामला मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए अंतिम आदेश आने तक पुरानी पंचिंग कार्ड और हाजिरी व्यवस्था जारी रहनी चाहिए. उनका आरोप था कि प्रबंधन ने बिना सहमति के कर्मचारियों पर बायोमेट्रिक प्रणाली थोपने का प्रयास किया. 

बायोमेट्रिक विवाद के बाद खदानों में कामकाज सामान्य 

सोमवार की पहली पाली से किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया लौह अयस्क खदानों में हजारों श्रमिकों ने बायोमेट्रिक के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने से इनकार कर दिया था, जिससे उत्पादन, लोडिंग और परिवहन कार्य प्रभावित हुए. हालांकि देर शाम बनी सहमति के बाद फिलहाल विवाद शांत हो गया है और सभी की निगाहें अब न्यायालय के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं. 

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक वर्ष से प्रभात खबर में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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