डॉ मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकता व संस्कृति का अद्भुत संगम:पवन साहू
Updated at : 06 Jul 2025 11:13 PM (IST)
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भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया.
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डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन
फोटो फाइल: 6 एसआइएम:17-विचार व्यक्त करते सिमडेगा. भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया.संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने कहा की डॉ मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकता, संस्कृत, समर्पण, शिक्षा और विकास के नवीन विचारों का एक अद्भुत संगम था. बंगाल की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए हर भारतवासी उनका ऋणी है. डॉ मुखर्जी की विद्वता और ज्ञान संपदा का लोहा उनके राजनीतिक विरोधी भी मानते थे. संगोष्ठी में बोलते हुए प्रदेश कार्य समिति सदस्य शशि भूषण भगत ने कहा की डॉ मुखर्जी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उनका बलिदान आजाद भारत का पहला राजनीतिक बलिदान है जो देश के लिए हुआ. हम सभी को यह भी याद रखने की आवश्यकता है कि देश में आजादी के बाद जन संघ के कार्यकर्ताओं के साथ कैसा व्यवहार इस देश में होता था. बावजूद इसके कार्यकर्ताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र के लिए समर्पित रहकर देश की सेवा की. हम सभी को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.संगोष्ठी से पूर्व अतिथियों ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष लक्ष्मण बड़ाईक ने की. मौके पर कार्यक्रम संयोजक अनुप प्रसाद, सहसंयोजक नवीन सिंह, पुष्पा देवी, आलोक दुबे, शंभु भगत, अनिरुद्ध सिंह, नरेंद्र बड़ाईक, सत्यनारायण प्रसाद, रवि वर्मा आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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