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एनएच-143 को किया जाम, वाहनों की लगी लंबी कतार

Updated at : 17 Jan 2026 9:49 PM (IST)
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एनएच-143 को किया जाम, वाहनों की लगी लंबी कतार

खूंटी जिले के सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में सड़क पर उतरा आदिवासी समाज

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सिमडेगा. खूंटी जिले के सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी समाज के लोग शनिवार को सड़क पर उतर हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और सजा की मांग को लेकर झूलन सिंह चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 143 को जाम कर दिया. सुबह करीब नौ बजे शुरू हुए सड़क जाम के कारण एनएच-143 पर सैकड़ों वाहनों की कतार लग गयी. जाम स्थल पर आदिवासी समाज के लोगों में सरकार व पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और फांसी की मांग को लेकर नारेबाजी की. मौके पर झामुमो के पूर्व विधायक बसंत कुमार लोंगा, नप की पूर्व अध्यक्ष पुष्पा कुल्लू तथा पूर्व वार्ड पार्षद राकेश लकड़ा भी पहुंचे. नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी व उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की. थाना प्रभारी श्री रजक द्वारा समझाने-बुझाने के बाद करीब 10 बजे सड़क जाम हटा लिया गया. इसके बाद वाहनों का परिचालन सामान्य हुआ. इधर बंद के आह्वान का शहरी क्षेत्र में कोई खास असर नहीं दिखा. दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहीं तथा बसों और यात्री वाहनों का परिचालन सामान्य रहा. जाम स्थल पर कुछ नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से अपनी गिरफ्तारी दी.

घटना के विरोध में बंद रहा बानो, महाबुआंग व हुरदा

बानो. पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में बानो, महाबुआंग व हुरदा बंद रहा. पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी के आह्वान पर संपूर्ण झारखंड बंद का व्यापक असर बानो, महाबुआंग एवं हुरदा क्षेत्र में देखने को मिला. आदिवासी एकता मंच बानो के नेतृत्व में बानो बिरसा चौक पर टायर जला कर व बेंच लगा कर सड़क जाम किया गया, जिससे बानो-मनोहरपुर मुख्य मार्ग लगभग तीन से चार घंटे तक अवरुद्ध रहा. इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. बानो की अधिकांश दुकानें बंद रहीं. वहीं महाबुआंग का साप्ताहिक बाजार व हुरदा बाजार भी प्रभावित रहा. आदिवासी एकता मंच के अध्यक्ष आनंद मसीह तोपनो, उपाध्यक्ष सुधीर लुगून, सचिव अनूप मिंज समेत अन्य नेताओं ने सोमा मुंडा हत्याकांड में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की. संगठनों ने इसे आदिवासी अस्मिता व अधिकारों की रक्षा का आंदोलन बताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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