त्रेतायुग से जुड़ा है इतिहास, शिवरात्रि पर उमड़ती हैं भीड़
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Feb 2026 10:34 PM
महाशिवरात्रि पर केतुंगाधाम में होगा तीन दिवसीय महोत्सव, तैयारियां अंतिम चरण में
बानो. बानो प्रखंड के प्रसिद्ध शिव स्थल केतुंगाधाम में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गयी हैं. इस अवसर पर फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 व 16 फरवरी को श्रद्धालु गंगाजल, दूध, दही, शहद व बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे तथा अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करेंगे. महाशिवरात्रि को लेकर केतुंगाधाम शिव मंदिर परिसर को आकर्षक रूप दिया जा रहा है. मंदिर में साफ-सफाई, रंग-रोगन, लाइटिंग समेत अन्य सजावटी कार्य किये जा रहे हैं. इस अवसर पर मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया है. तीन दिवसीय महोत्सव की शुरुआत 14 फरवरी से होगी. पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली जायेगी, जिसमें सैकड़ों महिलाएं और कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में पवित्र जल लेकर मंदिर परिसर पहुंचेंगी. इसी दिन प्रदोष व्रत अधिवास के साथ क्षेत्रीय मेले का उद्घाटन किया जायेगा. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मुख्य पर्व पर अहले सुबह से ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जायेंगे. इस दिन अखंड नाम यज्ञ, चतुर्दश लिंग पूजा, काशी विश्वनाथ दर्शन व वैद्यनाथ जयंती समेत चारों प्रहर की विशेष पूजा संपन्न होगी. रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा. 16 फरवरी को अखंड नाम यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भंडारा का आयोजन किया जायेगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, प्रकाश, सफाई एवं सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गयी है. समिति द्वारा प्रशासनिक सहयोग से भीड़ व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है. मेले में मनोरंजन के लिए झूले समेत अन्य साधन आकर्षण के केंद्र होंगे. केतुंगाधाम में जिले के सबसे प्राचीन शिवलिंगों में से एक स्थापित है. मान्यता है कि यह शिवलिंग त्रेतायुग कालीन है और इसकी स्थापना भगवान शिव के पुत्र श्वेतकेतु द्वारा की गयी थी, जिसका उल्लेख शिव पुराण में मिलता है. यह स्थल मनोकामना शिवलिंग के नाम से भी जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां पूजा-अर्चना करने से निसंतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है. झारखंड के साथ ओड़िशा के श्रद्धालुओं की भी इस शिवधाम से गहरी आस्था जुड़ी हुई है. कैसे पहुंचे केतुंगाधाम : केतुंगाधाम तक पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा रांची है, जो लगभग 155 किलोमीटर दूर स्थित है. निकटतम रेलवे स्टेशन राउरकेला है, जो लगभग 135 किलोमीटर दूर है. सड़क मार्ग से केतुंगाधाम सिमडेगा मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










