भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की दी गयी जानकारी
Updated at : 12 Mar 2026 10:24 PM (IST)
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भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की दी गयी जानकारी
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बानो. पुलिस निरीक्षक कार्यालय में गुरुवार को सर्किल क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों व पुलिस कर्मियों की बैठक हुई. बैठक में भारत के नये आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता बीएनएस 2023 के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया. बानो सर्किल इंस्पेक्टर एडुएल गेस्टेन बागे ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 भारत का नया आपराधिक कानून है, जिसने एक जुलाई 2024 से 160 वर्ष पुराने भारतीय दंड संहिता (आइपीएस) की जगह ली है. बताया कि बीएनएस में 20 अध्यायों के अंतर्गत 358 धाराएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाना, डिजिटल अपराधों को कानून के दायरे में लाना और न्याय प्रक्रिया को तेज एवं प्रभावी बनाना है. बताया कि नये कानून में महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों पर जोर दिया गया है. बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में कड़े प्रावधान किये गये हैं तथा संगठित अपराध के लिए अलग धाराएं निर्धारित की गयी हैं. साथ ही साक्ष्य के रूप में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के उपयोग पर भी महत्व दिया गया है. पुलिस निरीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को अपराधियों, उपद्रवियों और उग्रवादियों पर नजर रखने का निर्देश दिया. बैठक में रामनवमी, ईद व सरहुल पर्व को देखते हुए क्षेत्र में हड़िया-दारू और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिये. बैठक में बानो सर्किल इंस्पेक्टर एडुएल गेस्टेन बागे, बानो थाना प्रभारी मानव मयंक, कोलेबिरा थाना प्रभारी हर्ष कुमार शाह, महाबुआंग थाना, गिर्दा ओपी, बांसजोर ओपी और ओड़गा ओपी क्षेत्र के सभी पुलिस पदाधिकारी व जवान उपस्थित थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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