भगवान सूर्य की आराधना का महापर्व चैती छठ नहाय-खाय के साथ आरंभ
Updated at : 22 Mar 2026 9:44 PM (IST)
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चैती छठ महापर्व भगवान सूर्य की आराधना का पावन पर्व है
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सिमडेगा. चैती छठ महापर्व भगवान सूर्य की आराधना का पावन पर्व है, जिसकी शुरुआत रविवार को नहाय-खाय से हुई. व्रतियों ने सुबह पवित्र नदी और जलाशयों में स्नान कर स्वच्छता और पवित्रता का संकल्प लिया. इसके बाद घरों में श्रद्धा और विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा-अर्चना की गयी. नहाय-खाय के अवसर पर कद्दू-भात का प्रसाद बनाकर भगवान को अर्पित किया गया और व्रतियों ने उसे ग्रहण किया.
दूसरे दिन सोमवार को व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखेंगे और शाम को खरना पूजन करेंगे. खरना में गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद तैयार कर सूर्य देव और छठी मैया को अर्पित किया जायेगा. इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर अगले 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत करेंगे. तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा, जबकि चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण होगा.
सिमडेगा की डीसी कंचन सिंह ने भी इस पर्व का व्रत किया. उन्होंने पारंपरिक तरीके से गेहूं धोकर सुखाया और चूल्हे पर कद्दू-भात का प्रसाद तैयार कर विधिवत पूजा की. उन्होंने जिलेवासियों के स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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