जहां अंधेरा है वहां दीया जलाने की जरूरत है : मनोज कोनबेगी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रविकांत साहु, सिमडेगा

जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर हॉकी सिमडेगा के द्वारा सुदूरवर्ती गांव करवारजोर में बालक-बालिका हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसी बीच महिलाओं के बीच घड़ा फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. आयोजन स्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मनोज कोनबेगी ने कहा कि जहां अंधेरा है वहां दीया जलाने की जरूरत है.

उन्‍होंने कहा कि जिस गांव में शराब, शराबी और असामाजिक तत्वों का प्रवेश बंद रहता है. वहां से ही जयपाल सिंह जैसे स्वर्णपदक विजेता खिलाड़ी निकलते हैं. ओलंपिक में प्रथम स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम (1928 ) के कप्तान सह राजनेता मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर आज हॉकी सिमडेगा के द्वारा केरसई प्रखंड के करावरजोर गांव में बालक, बालिका अंडर 14 आयु वर्ग का हॉकी प्रतियोगिता एवं महिलाओं के लिए घड़ा फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.

बालक वर्ग में ध्यानचंद क्लब करवारजोर ने जयपाल सिंह क्लब करवारजोर को 1-0 से पराजित कर विजेता बना. ध्यानचंद क्लब की ओर से नरेंद्र सेनापति ने एक मात्र गोल किया. वहीं, बालिका वर्ग में रेड माउंटेन क्लब ने गिरमा क्लब को 3-0 से पराजित कर विजेता बनी. रेड माउंटेन क्लब की ओर से सुनीता भोय, सरिता कुमारी व शकुंतला मांझी ने 1-1 गोल किया.

महिलाओं के लिए आयोजित घड़ा फोड़ प्रतियोगिता में लक्ष्मी देवी प्रथम एवं जसमती देवी को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ. हॉकी प्रतियोगिता में बालक बालिका दोनों वर्ग के विजेता एवं उपविजेता को 1-1 डब्बा हॉकी बॉल देकर सम्मानित किया. फाइनल मैच में गोल करने वाले सभी चार खिलाड़ियों को भी हॉकी बॉल देकर सम्मानित किया गया. घड़ाफोड़ की विजेता महिलाओं को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. मौके पर सिमडेगा हॉकी के महासचिव मनोज कोनबेगी, संयुक्त सचिव कमलेश्वर मांझी सहित सभी खिलाड़ियों, ग्रामीणों ने मरांग गोमके जयपाल सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

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