ठगी के आरोपी जनसेवक सहित दो को तीन-तीन साल की सजा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सिमडेगा : सीजेएम अनंदमणि त्रिपाठी की अदालत ने ठगी के आरोपी जनसेवक सहित दो आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनायी और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया. दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, मेसर्स राधिका कंस्ट्रक्शन के सतबरवा पलामू निवासी अरुण प्रसाद ने वर्ष 2017 में बोलबा प्रखंड के कोनजोबा से जपलंगा तक सड़क निर्माण कार्य का ठेका ग्रामीण कार्य विभाग से लिया था.

इसी दौरान ठाकुरटोली निवासी जनसेवक लक्ष्मी नारायण प्रसाद व रूसु केरसई निवासी दिनेश प्रसाद उससे मिले और उक्त क्षेत्र में पीएलएफआइ का वर्चस्व होने का भय दिखा कर काम को अपने हाथ में ले लिया.

काम के एवज में ठेकेदार अरुण प्रसाद ने दिनेश प्रसाद के खाते में दो करोड़ 13 लाख, लक्ष्मी नारायण प्रसाद के खाते में सात लाख एवं सप्लायर्स के खाते में 29 लाख रुपये भेज दिये. किंतु दिनेश प्रसाद व लक्ष्मी नारायण प्रसाद ने सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं किया, बल्कि ठेकेदार अरुण प्रसाद के खिलाफ ही एफआइआर दर्ज करा दिया. बाद में अरुण प्रसाद ने स्वयं सड़क निर्माण कार्य पूरा कराया, जिसमें उन्हें 96 लाख की हानि हुई.
इसके बाद अरुण प्रसाद ने सीजेएम की अदालत में ठगी का मामला दर्ज कराया, जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने 14 गवाहों की गवाही एवं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लक्ष्मी नारायण प्रसाद व दिनेश प्रसाद को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनायी और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
साथ ही जमानत के समय लक्ष्मी प्रसाद द्वारा कोर्ट में जमा कराये गये साढ़े तीन लाख रुपये वादी को देने का आदेश दिया. वहीं 10 हजार रुपया जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपियों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.
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