डोंबाबिरा में अब तक एक भी शौचालय नहीं बना

Updated at : 01 Feb 2018 5:00 AM (IST)
विज्ञापन
डोंबाबिरा में अब तक एक भी शौचालय नहीं बना

सिमडेगा-गुमला सीमांत की मार झेल रहा है गांव गांव में हैं कई समस्याएं, अधिकारियों को चिंता नहीं िसमडेगा िजला से 18 किमी दूर है गांव मो इलियास सिमडेगा : सिमडेगा-गुमला सीमांत की मार झेल रहा बिलिंगबेरा पंचायत का डोंबाबिरा गांव का दर्द सुनने वाला कोई नहीं. अब तक उक्त गांव का दौरा किसी वरीय पदाधिकारी […]

विज्ञापन
सिमडेगा-गुमला सीमांत की मार झेल रहा है गांव
गांव में हैं कई समस्याएं, अधिकारियों को चिंता नहीं
िसमडेगा िजला से 18 किमी दूर है गांव
मो इलियास
सिमडेगा : सिमडेगा-गुमला सीमांत की मार झेल रहा बिलिंगबेरा पंचायत का डोंबाबिरा गांव का दर्द सुनने वाला कोई नहीं. अब तक उक्त गांव का दौरा किसी वरीय पदाधिकारी नहीं किया. सिमडेगा जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर स्थित उक्त गांव गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में पड़ता है.
विडंबना यह है कि गुमला जिला मुख्यालय की दूरी वहां से 75 किमी है, जबकि प्रखंड मुख्यालय लगभग 40 किमी पर स्थित है. वहां के लाेगों को गुमला जाने के लिए सिमडेगा शहर से होकर जाना पड़ता है. एक अन्य रास्ता भी है, जहां से गुमला जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 40 किमी है, किंतु उक्त रास्ता पहाड़ों व जंगलों से होकर गुजरता है, जो एक पगडंडी के समान है. उक्त पथ पर एक नदी भी है, जिसमें पुल नहीं बना है. उक्त पथ पर चार पहिया वाहन नहीं चलते हैं.
सिर्फ साइकिल व मोटरसाइकिल से सफर किया जा सकता है. लगभग 200 घर वाले इस गांव की आबादी लगभग 1200 है. गांव में डांड़ीडीपा, बरटोली, दुखीटोली, झोराडांड़ व बेदो झरिया सहित पांच टोले हैं. उक्त गांव विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है. यह एक ऐसा गांव है, जहां अब तक एक भी शौचालय नहीं बना. पूरे देश में स्वच्छता अभियान तो चलाये जा रहे हैं और घर-घर में शौचालय निर्माण का अभियान चाया जा रहा है, किंतु इस गांव पर शायद किसी की नजर नहीं गयी है या फिर इसे प्रशासनिक लापरवाही कहा जा सकता है.
दुर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि यहां के वार्ड सदस्य व सहिया के घर में भी शौचालय नहीं है. सभी खुले में शौच के लिए जाते हैं. 1200 आबादी वाले इस गांव में पांच टोले होने के बावजूद अब तक मात्र एक चापानल लगाया गया है, जो महीनों से खराब पड़ा है. यहां के लोग नदी एवं कुआं का दूषित पानी पीने को विवश हैं. सड़क भी कच्ची है. गांव वाले पीसीसी की मांग करते करते थक चुके हैं. जन वितरण प्रणाली की दुकान भी गांव से नौ किमी दूर है, जिससे राशन उठाव में उन्हें काफी परेशानी होती है.
गांव के लोग गुमला जिला से हट कर सिमडेगा जिला में शामिल होना चाहते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गुमला यहां से काफी दूर है, जबकि सिमडेगा की दूरी मात्र 18 किमी है. हम अपने सारे काम सिमडेगा से ही करते हैं, इसलिए हमारे गांव को सिमडेगा जिला में शामिल किया जाना चाहिए. जिला मुख्यालय दूर होने के कारण ही हमारे गांव का विकास अवरुद्ध है.
वार्ड सदस्य लीलावती देवी कहती हैं कि गांव की समस्या को लेकर काफी चिंतित हूं. गांव में अब तक एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ, यह काफी शर्म की बात है. शौचालय निर्माण के लिए मैं दौड़-दौड़ कर थक चुकी हूं, किंतु कोई सुनने वाला नहीं है. सहिया संध्या देवी का कहना है कि गांव में कोई सुविधा मुहैया नहीं है. यहां के लोग अभावों में अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं. जिला मुख्यालय व प्रखंड मुख्यालय दूर होने के कारण इस क्षेत्र पर कोई ध्यान नहीं देता है.परिणाम स्वरूप समस्याओं का समाधान संभव नहीं हो रहा है.
गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका जयमती देवी के अलावा अनिता देवी, मुन्नी देवी, प्रतिमा देवी, सालो देवी, विमला देवी, कौशल्या देवी आदि का कहना है कि हमें सिमडेगा जिला में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि हमारे गांव का विकास हो सके. उनका यह भी कहना है कि इस गांव में कभी कोई पदाधिकारी व जन प्रतिनिधि नहीं आते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola