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Saraikela News : बालीडीह में मिले बाघ के पंजों के निशान, दूसरी जगह लगेंगे कैमरे

Updated at : 04 Jan 2025 12:22 AM (IST)
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Saraikela News : बालीडीह में मिले बाघ के पंजों के निशान, दूसरी जगह लगेंगे कैमरे

सुवर्णरेखा नदी के आसपास के क्षेत्र में विचरण करने की आशंका

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जमशेदपुर/चांडिल/चौका.चांडिल प्रखंड के चौका थाना क्षेत्र के तुलग्राम गांव के वन क्षेत्र में बैल और बछड़े का शिकार करने वाले बाघ का चार दिनों बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है. लेकिन बालीडीह के आसपास कई पंजों के निशान मिलने के बाद यह तय हो गया है कि उस क्षेत्र से बाघ आगे निकल चुका है.

अंदेशा जताया जा रहा है कि बाघ सुवर्णरेखा नदी के आसपास के क्षेत्र में विचरण करते हुए आगे निकल गया है. अब वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि बाघ दिखते ही वे लोग तत्काल वन विभाग को सूचित करे. वहीं, रेंजर को भी लगातार गश्ती करने को कहा गया है.

शिकार किये बैल के पास वापस नहीं आया बाघ

चांडिल प्रखंड के चौका थाना अंतर्गत तुलग्राम गांव के वन क्षेत्र में बाघ ने मवेशियों का शिकार किया था. लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग की टीम पता नहीं लगा पायी है. बाघ शिकार किये बैल के पास भी वापस नहीं आया है. वन विभाग का कहना है कि पदचिह्न के अनुसार बाघ झाबरी, काररुबेड़ा पहाड़ से पालना डैम होते हुए खूंटी व तुलग्राम के जंगल में आया था. वहां पर शिकार करने के बाद बालीडीह पहाड़ की ओर जाने के पदचिह्न मिले हैं. जिससे वन विभाग की ओर से तुलग्राम, बालीडीह, खूंटी, कुरली, मुसरीबेड़ा, जुरगु, लखनासिंह घाटी, गिद्दीबेड़ा के जंगलों में लोगों जाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. जंगल क्षेत्र में जगह-जगह पर वन विभाग के कर्मियों द्वारा गश्ती की जा रही है.

भय से शाम ढलते ही घरों में घुस जा रहे ग्रामीण

अचानक क्षेत्र में बाघ के हमला करने पर आस-पास के गावों के लोग डरे सहमे हुए हैं. तुलग्राम, खूंटी, बालीडीह, कुरली, मुसरीबेड़ा जंगल में लकड़ी चुनने व बकरी के लिए पत्ता लाने के लिए लोग नहीं जा रहे हैं. वहीं, ठंड के कारण स्कूल पहले से बंद हैं. स्कूल 6 जनवरी को खुलेंगे. जिस कारण स्कूली बच्चे भी अपने-अपने घरों में कैद हैं.

ट्रैकिंग कैमरे मौजूद, लेकिन बाघ का सुराग नहीं

वन विभाग तुलग्राम जंगल में ट्रैकिंग कैमरा लगाकर बाघ की तलाश कर रही है. लेकिन कैमरा अब तक बाघ को कैद नहीं कर पाया है. वन विभाग अब दूसरे स्थान पर ट्रैकिंग कैमरा लगाने की तैयारी कर रही है, ताकि बाघ का कुछ सुराग मिल सके और ग्रामीण राहत की सांस ले. बीती रात को कैमरे में कुछ भी कैद नहीं हुआ.

कोट

मामले में आम लोगों से मदद ली जा रही है. इस संबंध में हर स्तर पर कोशिश की जा रही है. कैमरे में बाघ कैद नहीं हुआ है. बाघ को अब पता करने के लिए अन्य इलाके में भी कैमरे लगाये जा रहे हैं.

-सबा आलम अंसारी, डीएफओ, दलमा.

इधर, चांडिल के गांगूडीह में बाघ के आने का वीडियो हो रहा वायरल

चांडिल. चौका के तुलग्राम में दिखे बाघ का चांडिल के गांगूडीह में दिखायी देने की अफवाह शुक्रवार को दिनभर सोशल मीडिया पर चलती रही. सोशल मीडिया पर बाघ के पंजे के निशान का फोटो वीडियो खूब वायरल हुआ. इस संबंध में वन विभाग ने बताया कि यह फोटो-वीडियो अन्य किसी जीव-जंतु का हो सकता है. बाघ के पंजे के निशान नहीं है. बाघ के पंजे का निशान मिट्टी में दबता नहीं है. फोटो में जो है, उसका पंजा दबा हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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