खरसावां. खरसावां के हरिसाई गांव के पास खुले विदेशी शराब की दुकान को ग्रामीणों ने शटर गिराकर बंद करा दिया. इससे पूर्व गांव में ग्राम प्रधान शिव शंकर हेंब्रम की अध्यक्षता में बैठक की गयी. बैठक में शराब की दुकान को बंद कराने पर सहमति बनी. बैठक के बाद ग्रामीण शराब दुकान पहुंच कर शटर बंद करा दिया. साथ ही शराब की दुकान को गांव से हटाने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि विगत 22 अप्रैल को डीसी, एसडीओ व सीओ को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंप कर शराब दुकान बंद कराने की मांग की थी. लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
शराब दुकान से गांव का माहौल बिगड़ रहा:
ग्रामीणों ने बताया कि शराब दुकान के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है. हरिसाही गांव में स्कूल या आंगनबाड़ी नहीं है. स्कूल या आंगनबाड़ी की जगह शराब की दुकान खोल कर आखिर सरकार क्या संदेश देना चाह रही है. ग्रामीणों ने कहा कि लोग खुलेआम सड़क किनारे खराब पी रहे हैं. इससे गांव की महिलाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं. ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन दुकान को स्थायी तौर से हटाये, नहीं तो चरणबद्ध रूप से आंदोलन करेंगे. बैठक में आदिवासी समाज हो महासभा के जिला उपाध्यक्ष मनोज सोय, अनामिका हेंब्रम, सोमबारी बांदिया, सुकुरमनी हेंब्रम, शांति बांदिया, परमिता हेंब्रम, गीता हेंब्रम, मुनू बांदिया, सुकमती हेंब्रम, तुलसी बोदरा, नीलिमा रानी हेंब्रम, राम हेंब्रम, मोहनलाल हेंब्रम, लालसिंह हेंब्रम, विकास बोदरा, नंदलाल हेंब्रम, आसमान हेंब्रम, सालेन सोय, डबुआ सोय, बीरसिंह सिजुई, नागेन सोय आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

