राजनगर.
राजनगर प्रखंड की हेरमा पंचायत अंतर्गत श्यामसुंदरपुर हाट मैदान में सोमवार को आदिवासी परिवार संगठन की बैठक हुई. बैठक में ईचापीड़ क्षेत्र के माझी बाबा, मानकी, मुंडा सहित आसपास की लगभग पांच पंचायतों के प्रतिनिधि व ग्रामीण शामिल हुए. बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कुर्मी/कुड़मी को एसटी सूची में शामिल करने संबंधी ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले 28 आदिवासी विधायकों पर दबाव बनाया जायेगा. इन विधायकों से मांग की जायेगी कि वे आदिवासी समाज के पक्ष में हैं या विरोध में. पंचायत स्तर पर मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और वार्ड सदस्यों से भी समाज की ओर से यह आग्रह किया जायेगा कि वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें. आदिवासी स्वशासन व्यवस्था से जुड़े माझी, परगना, मानकी, मुंडा जैसे पारंपरिक नेतृत्वकर्ताओं से ‘एसटी बचाओ आंदोलन’ में सक्रिय सहयोग की अपील करने का निर्णय लिया गया. आदिवासी समाज के नौकरीपेशा वर्ग से आर्थिक सहयोग जुटाने पर भी सहमति बनी, ताकि आंदोलन को सशक्त रूप से आगे बढ़ाया जा सके. प्रत्येक गांव के हर परिवार से 100 रुपये का आर्थिक योगदान और 1 किलो चावल एकत्रित करने का प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक की अध्यक्षता रामचंद्र मार्डी ने की, जबकि संचालन देबव्रत मुर्मू और सुशांत टुडू ने किया. बैठक में कोल्हान विस्थापित संघ के उपाध्यक्ष रेयांङ समाड, सचिव सुरेश चंद्र सोय, कीता माझी, दिकुराम मार्डी, सावित्री मार्डी, देवरीडीह हातु मुंडा सुनील गगराई, सोसोहातु मुंडा, सुरेश सुरीन, जामडीह माझी, घासीराम हांसदा, सोनापुस बाघराय सोरेन, बान्दु माझी, पृथ्वीराज हांसदा, पोटका सिंगराई पूर्ति, बैद्यनाथ टुडू, बोंदोडीह दुलू अलडा, सीनी मुंडा. लंकेश्वर सावैयां, बरही राजेन्द्र बिरुली, कुमढ़ाशोल बलदेव हांसदा, सालखनडीह सकला सोरेन, सांगाड़िया ग्राम प्रधान सुंदर मोहन बेसरा, माझी जय राम हांसदा आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

