खरसावां में ब्रह्मकुमारों का सामूहिक उपनयन संस्कार, बासंती मंदिर में समारोह

Updated at : 28 Mar 2026 10:11 AM (IST)
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Kharsawan Upanayan Sanskar

खरसावां में ब्रह्मकुमारों का उपनयन संस्कार कराते पुरोहित. फोटो: प्रभात खबर

Kharsawan Upanayan Sanskar: खरसावां के बासंती दुर्गा मंदिर में विजय दशमी पर ब्राह्मण युवकों का सामूहिक उपनयन संस्कार संपन्न हुआ. वैदिक विधि से जनेऊ धारण कराया गया और गुरु दीक्षा दी गई. 1903 से चली आ रही परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Kharsawan Upanayan Sanskar: झारखंड के खरसावां में विजय दशमी के अवसर पर बासंती दुर्गा मंदिर में ब्राह्मण समुदाय के युवकों का सामूहिक उपनयन संस्कार श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न हुआ. इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन के साक्षी बने.

विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ उपनयन संस्कार

मां बासंती दुर्गा मंदिर के प्रांगण में पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ उपनयन संस्कार की सभी रस्में निभाई गईं. ब्रह्मकुमारों को जनेऊ धारण कराया गया और गुरुजनों द्वारा उन्हें दीक्षा दी गई. इस दौरान युवकों को धर्म, संस्कार और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया. उपनयन संस्कार के माध्यम से उन्हें जीवन में अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया.

उपनयन संस्कार का विशेष धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपनयन संस्कार ब्राह्मण समाज के प्रमुख संस्कारों में से एक है. यह संस्कार बालक के आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इस अवसर पर उपस्थित विद्वानों ने बताया कि जनेऊ धारण करने के बाद व्यक्ति को अपने कर्तव्यों, शिक्षा और संस्कारों के प्रति अधिक सजग रहना चाहिए. यह संस्कार व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

1903 से चली आ रही है परंपरा

खरसावां के बासंती दुर्गा मंदिर में यह परंपरा वर्ष 1903 से लगातार निभाई जा रही है. हर वर्ष बासंती दुर्गा पूजा के समापन के दिन विजय दशमी पर ब्राह्मण समाज की ओर से सामूहिक उपनयन संस्कार आयोजित किया जाता है. यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करती है, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का भी कार्य करती है.

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

इस आयोजन को देखने और इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में पहुंचे. पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तों की भीड़ लगी रही और वातावरण भक्ति से सराबोर रहा. श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया.

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टेंटोपोशी गांव में भी हुआ आयोजन

खरसावां के साथ-साथ सरायकेला के टेंटोपोशी गांव में स्थित बासंती दुर्गा मंदिर में भी ब्राह्मण समुदाय के युवकों का सामूहिक उपनयन संस्कार आयोजित किया गया. यहां भी सभी धार्मिक रस्मों को विधिपूर्वक निभाया गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया. इस तरह पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और परंपरा की झलक देखने को मिली.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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