खरसावां के पीएचईडी कार्यालय में लटक रहा ताला, सरायकेला में बैठे हैं बाबू
खरसावां में बंद पड़ा पीएचईडी कार्यालय. फोटो: प्रभात खबर
Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड में पीएचईडी कार्यालय पर ताला लटका रहता है. खरसावां और कुचाई में गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहरा गया है. चापाकल खराब और जलमीनार बेकार पड़े हैं. शिकायत के लिए पहुंचे ग्रामीणों को पीएचईडी कार्यालय में ताला मिला. प्रमुख मनेंद्र जमुदा ने निरीक्षण कर नाराजगी जताई और उपायुक्त से शिकायत की बात कही. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Kharsawan News: गर्मी की दस्तक के साथ ही खरसावां और कुचाई प्रखंड के विभिन्न गांवों में पेयजल समस्या गंभीर होती जा रही है. कहीं चापाकल खराब पड़े हैं तो कहीं जलमीनार बेकार स्थिति में खड़े हैं. ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) कार्यालय में ताला लटका है. चिंता का विषय यह है कि लोग अपनी शिकायत और समस्या लेकर जाते हैं और दरवाजे पर ताला लटका देख निराश होकर वापस लौट आते हैं. लेकिन, जेई और एई सरायकेला में बैठकर तथाकथित तौर पर विभागीय कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं.
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लोगों में बढ़ रही नाराजगी
पेयजल संकट की शिकायत लेकर लोग खरसावां के हाई स्कूल चौक स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय पहुंच रहे हैं. लेकिन अधिकांश समय कार्यालय में ताला लटका मिलता है. कभी-कभार केवल चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ही बाहर बैठे नजर आते हैं. कनिय अभियंता और सहायक अभियंता कार्यालय में उपस्थित नहीं मिलते, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
शिकायत करें तो किससे करें
ग्रामीणों का कहना है कि जब स्थानीय कार्यालय बंद रहता है तो वे अपनी समस्या किसके समक्ष रखें. पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. लोगों ने विभाग के कार्यपालक अभियंता का मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि वे सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें. ग्रामीणों ने बताया कि पहले इस तरह की व्यवस्था थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. अब उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जिले के उपायुक्त से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे.
प्रमुख ने किया निरीक्षण, जताई नाराजगी
खरसावां प्रखंड प्रमुख मनेंद्र जमुदा ने भी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कार्यालय के गेट पर ताला लटका मिला. कार्यालय बंद रहने की कोई पूर्व सूचना भी प्रदर्शित नहीं की गई थी. इस पर प्रमुख मनेंद्र जमुदा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बने कार्यालय का इस तरह बंद रहना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में वे जिले के उपायुक्त को लिखित शिकायत करेंगे, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. पेयजल संकट और विभागीय लापरवाही को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब तक लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ेगा.
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क्या कहता है विभाग
विभाग से संपर्क करने पर जानकारी दी गई कि पीएचइडी के जेई और एई सरायकेला स्थित कार्यालय में बैठकर विभागीय कार्यों का निष्पादन करते हैं. इससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान में बाधा उत्पन्न हो रही है.
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