सरायकेला. सरायकेला- खरसावां मार्ग पर संजय नदी पर 13 वर्ष पूर्व बने पुल का पहुंच पथ नहीं होने से पुल अभी तक चालू नहीं किया गया है. पहुंच पथ निर्माण को लेकर झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (जलाडो) की ओर से उच्च न्यायालय रांची में जनहित याचिका दायर की गयी थी. मंगलवार को दायर याचिका पर दूसरी सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र एवं जस्टिस राजेश शंकर ने सुनवाई की. सुनवाई के क्रम में जलाडो की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे ने न्यायालय को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया. न्यायालय द्वारा पूरी बहस सुनने के बाद झारखंड सरकार को 7 अक्तूबर तक पुल के अप्रोच रोड से संबंधित रिपोर्ट को न्यायालय में दाखिल करने का निर्देश दिया गया.
मार्च में हुआ टेंडर, अब तक शुरू नहीं हुआ काम :
जलाडो के अध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि पहुंच पथ के लिए विभाग द्वारा मार्च 2025 में टेंडर दिया गया और अक्तूबर तक काम पूरा करने की बात कही गयी थी. किंतु पथ निर्माण विभाग द्वारा अब तक पहुंच पथ का काम शुरू नहीं किया गया है. काम शुरू करवाने को लेकर जलाडो की ओर से उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गयी थी. कहा की 20 से 25 अधिवक्ता प्रतिदिन खरसावां से सरायकेला न्यायालय आना जाना करते हैं. बरसात में संजय नदी में पानी भर जाने पर उसपर बना पुल पूरी तरह डूब जाता है, जिससे आवागमन प्रभावित हो जाता है. नये पुल के अप्रोच रोड बन जाने पर न केवल अधिवक्ताओं को, बल्कि आम नागरिकों को भी सहूलियत होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

