सब्जी की खेती के साथ बतख व मत्स्य पालन के जरिये स्वावलंबी बन रहे मांगुडीह गांव के किसान

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सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत कुचाई प्रखंड के मांगुडीह गांव में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से बनाया गया तालाब गांव के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. गांव के किसान इसी तालाब के पास बेकार पड़ी जमीन पर अब सब्जी की खेती कर रहे हैं. साथ ही बतख व मत्स्य पालन कर स्वरोजगार को अपना रहे हैं.

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सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत कुचाई प्रखंड के मांगुडीह गांव में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से बनाया गया तालाब गांव के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. गांव के किसान इसी तालाब के पास बेकार पड़ी जमीन पर अब सब्जी की खेती कर रहे हैं. साथ ही बतख व मत्स्य पालन कर स्वरोजगार को अपना रहे हैं. पढ़ें, शचीन्द्र कुमार दाश की रिपोर्ट.

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मांगुडीह गांव के किसान करीब 7 एकड़ जमीन पर रवि फसल तथा 4 एकड़ में सब्जी की खेती कर रहे हैं. इसके अलावे 10 एकड़ जमीन पर कई अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं. आदिवासी बहुल इस गांव के लोग खेती के जरिये कमाई कर रहे हैं.

पूर्व में जिले के तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन ने कुचाई प्रखंड के मांगुडीह गांव को गोद लिया था. इसके बाद जिला के भूमि संरक्षण पदाधिकारी कालीपद महतो ने गांव में कृषि को बढ़ावा देने के लिए बेकार पड़ी जमीन पर 4.7 लाख रुपये की लागत से तालाब खोदवाया. गांव के लोगों को इस तालाब से काफी लाभ पहुंचा.

गांव के सोनामुनी हेंब्रम, गोपाल सिजुई समेत कई किसानों ने तालाब के पास की जमीन पर खेती शुरू कर दी. करीब एक दर्जन परिवार के लोग इस तालाब के पास खेती कर रहे हैं. तालाब के आसपास के खेत हरे- ताजे सब्जियों से लहलहा रहे हैं. किसानों ने यहां बैगन, टमाटर, करैला, भिंडी, ननुआ, लौकी, झींगी आदि सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं. किसानों को इसके जरिये अच्छा- खासा रोजगार भी हो रहा है.

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एक साल पहले तक जो खेत बेकार पड़े हुए थे, आज वह हरा- भरा है. एक तालाब की खुदाई से सब्जी के उत्पादन से लेकर धान की खेती तक हो रही है. यहां हो रही खेती से अब आसपास के गांव के लोग भी प्रोत्साहित हो रहे हैं.

बतख पालन के जरिये भी मिल रहा है लाभ

मांगुडीह गांव के लोग तालाब से सब्जी की खेती के साथ- साथ बतख व मत्स्य पालन भी कर रहे हैं. बतख के अंडों की बिक्री कर किसान रोजगार कर रहे हैं. इसके जरिये भी लोगों को रोजगार मिल रही है. तालाब की खुदाई के बाद गांव में काफी हद तक पानी की समस्या का भी समाधान हुआ है.

सरायकेला के जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी कालीपद महतो ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर मांगुडीह में तालाब खोदवाया गया था. अब तालाब बनने के बाद किसानों को खेती के लिए पानी मिल रही है. सब्जी व रवि फसल कर किसान स्वरोजगार को अपना रहे हैं. तालाब के पानी से किसानों द्वारा किये जा रहे खेती ही इस योजना की सफलता को दर्शाता है.

Posted By : Samir ranjan.

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