खरसावां के बुड़ीतोपा में निकली 108 कुंवारी कन्याओं की कलश यात्रा, 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन शुरू

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खरसावां के बुड़ीतोपा गांव में मांदर की थाप के साथ निकली कलशयात्रा. फोटो: प्रभात खबर

Kharsawan News: खरसावां के बुड़ीतोपा गांव में 108 कुंवारी कन्याओं की कलश यात्रा के साथ 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन शुरू हुआ. भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा. झारखंड और बंगाल से आए दलों ने भाग लिया. 29 मार्च को महायज्ञ और कुंज विसर्जन के साथ आयोजन का समापन होगा. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Kharsawan News: झारखंड के खरसावां प्रखंड के बुड़ीतोपा गांव में तीन दिवसीय 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ. पूरे गांव में धार्मिक उत्साह और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला. दूर-दूर से श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे.

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108 कुंवारी कन्याओं की भव्य कलश यात्रा

हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत 108 कुंवारी कन्याओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई. श्रद्धालुओं ने गांव के जलाशय से विधि-विधान के साथ कलश में जल भरकर यात्रा निकाली. इस दौरान महिलाएं और कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी हुई थीं, जिससे दृश्य अत्यंत मनमोहक बन गया. ‘हरे कृष्णा-हरे राम’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा.

मंदिर परिसर में कलश स्थापना

कलश यात्रा गांव के मंदिर परिसर पहुंची, जहां सभी कलशों को विधिपूर्वक पूजा स्थल पर स्थापित किया गया. वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए पूजा में भाग लिया. पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया.

भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा गांव

कलश स्थापना के बाद विभिन्न संकीर्तन दलों द्वारा हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत की गई. झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों से आए कलाकारों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. ढोल, मंजीरा और हारमोनियम की धुन पर गूंजते भजनों ने पूरे गांव को भक्ति रस में डुबो दिया. श्रद्धालु देर रात तक संकीर्तन में लीन रहे.

16 प्रहर संकीर्तन से आध्यात्मिक संदेश

समिति के सदस्यों ने बताया कि यह 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन लगातार तीन दिनों तक चलेगा. इस दौरान श्रद्धालु भगवान के नाम का जाप कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करेंगे. यह आयोजन लोगों को एकजुट करने और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है.

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29 मार्च को महायज्ञ का समापन

आयोजन का समापन 29 मार्च को कुंज विसर्जन और धुलौट के साथ किया जाएगा. अंतिम दिन विशेष पूजा और महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. बुड़ीतोपा गांव में आयोजित यह हरिनाम संकीर्तन न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रतीक है. इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और उत्साह से भर दिया है.

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