एक चापाकल से बूझ रही 300 लोगों की प्यास
Updated at : 23 Apr 2017 2:52 AM (IST)
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जोंकोशासन गांव के छह में पांच चापाकल खराब, हो रही है ग्रामीणों को परेशानी एक चापाकल में काफी मशक्कत के बाद निकलती है पानी खरसावां : खूंटपानी प्रखंड के केयाड़चालम पंचायत अंतर्गत जोंकोशासन गांव में गरमी के साथ ही पेयजल संकट गहरा गया है. गांव के लोगों को पानी के लिए हर रोज मशक्कत करनी […]
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जोंकोशासन गांव के छह में पांच चापाकल खराब, हो रही है ग्रामीणों को परेशानी
एक चापाकल में काफी मशक्कत के बाद निकलती है पानी
खरसावां : खूंटपानी प्रखंड के केयाड़चालम पंचायत अंतर्गत जोंकोशासन गांव में गरमी के साथ ही पेयजल संकट गहरा गया है. गांव के लोगों को पानी के लिए हर रोज मशक्कत करनी पड़ रही है. गांव में सरकार की ओर से गाड़े गये छह में से पांच चापाकल खराब पड़े हुए है.
करीब तीन सौ की आबादी वाले इस गांव के लोगों की प्यास सिर्फ एक चापाकल के भरोसे बूझ रही है. इस चापाकल में भी काफी देर तक हैंडल चलाने के बाद जा कर पानी निकलता है.
हर रोज सुबह में पानी के लिए महिलाओं की भीड़ इस चापाकल पर उमड़ती है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पीएचइडी तथा बीडीओ कार्यालय में संपर्क कर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने की मांग की गयी है, लेकिन खराब चापाकलों की मरम्मत नहीं हो सकी. गांव के तालाब में भी जल स्तर काफी कम हो गया है. गांव के लोग इसी तालाब में स्वयं नहाते है तथा मवेशियों को भी नहलाते है. गांव की महिलाओं ने गांव में जल मीनार बना कर घरेलू जलापूर्ति करने की मांग की है, ताकि जल समस्या का स्थायी समाधान हो सके.
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