Seraikela News : 5 माह में सर्पदंश के शिकार 76 लोग पहुंचे अस्पताल, 3 की मौत
Updated at : 21 May 2025 11:06 PM (IST)
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झाड़फूंक व इलाज में देरी की वजह से जा सकती है जान
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सरायकेला.
गर्मी बढ़ने के साथ जिले में सर्पदंश के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. सर्पदंश के शिकार लोग आये दिन अस्पताल पहुंच रहे हैं. हालांकि सदर अस्पताल सहित सभी सीएचसी में एंटी वेनम (सांप काटने का दवा) उपलब्ध रहने की वजह से सर्पदंश के शिकार अधिकतर लोग स्वस्थ होकर लौट रहे हैं. आंकडे के मुताबिक, पिछले पांच महीने में सरायकेला सदर अस्पताल में सर्प दंश के शिकार 76 लोग पहुंचे जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है. इनमें एक साढ़े छह वर्ष का बच्चा भी शामिल हैं. तीनों मौत का कारण देर से इलाज शुरू किया जाना या झाड़फूंक के चक्कर में पड़ना रहा. अस्पताल में पहुंचे अधिकतर मरीज स्वस्थ होकर लौटे.सदर अस्पताल सहित सीएचसी में उपलब्ध है एंटी स्नैक
वेनम
सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले के सदर अस्पताल सहित सभी सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. सर्पदंश के शिकार मरीजों को यह निःशुल्क दिया जाता है. सांप काटने के तुरंत बाद मरीज को अस्पताल लायें ताकि उनकी जान बच सके.
घर में घुसा पांच फीट का बैंडेड कैरत, स्नेक कैचर ने पकड़ा
सीनी ओपी क्षेत्र के हरिजन बस्ती निवासी अशोक मुखी के घर में सोमवार की देर रात 11 बजे एक बैंडेड करैत (राणा सांप) घुस गया. दहशत के माहौल के बीच स्नेक कैचर राजा बारिक को सूचना दी गयी. मौके पर पहुंचे स्नेक कैचर ने सांप को पकड़ कर सीनी के जंगल में छोड़ दिया. सांप की लंबाई 5 फीट थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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