आदिवासी कल्याण छात्रावास की स्थिति देख आयोग की सदस्य ने जतायी नाराजगी

Updated at : 15 Jul 2024 11:42 PM (IST)
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आदिवासी कल्याण छात्रावास की स्थिति देख आयोग की सदस्य ने जतायी नाराजगी

250 बेड के छात्रावास में रह रहे 500 विद्यार्थी

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साहिबगंज. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नयी दिल्ली की सदस्य डॉ आशा लकड़ा सोमवार को साहिबगंज कॉलेज स्थित आदिवासी कल्याण छात्रावास का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने छात्रावास की स्थिति देख जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यहां किसी तरह विद्यार्थी पढा़ई कर रहे हैं. विद्यार्थियों के लिए कोई सुविधा तक नहीं है. पीने के लिए शुद्ध पेयजल, कमरा की हालत, बेड आदि कई समस्याओं से यहां के विद्यार्थियों को जूझना पड़ रहा है. डॉ आशा लकड़ा ने विद्यार्थियों की समस्याओं अवगत हुए. इस दौरान छात्रों ने कहा कि यहां बेड के अनुसार काफी संख्या में विद्यार्थी रहकर किसी तरह पढ़ाई कर रहे हैं. 250 बेड का छात्रावास है. इसमें करीब पांच सौ विद्यार्थी रहे रहे हैं. ऐसे में उनलोगों को काफी परेशानी हो रही है. छात्रावास में किचन तक व्यवस्था नहीं है. इस पर डॉ आशा लकड़ा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान होगा. इधर, पोखरिया स्थित बालिका छात्रावास का भी निरीक्षण किया. छात्राओं की समस्या से अवगत हुईं. यहां भी बेड के अनुसार अधिक छात्राएं रह रही हैं, जबकि छात्रावास में कई सुविधाओं को टोटा है. मौके पर अनुसंधान अधिकारी एसआर मीणा, विधिक सलाहकार राहुल यादव, निजी सचिव कुशेश्वर साहू, सुभाशीष रासिक सोरेन, प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर एसआरआइ रिजवी, आइटीडीए निदेशक मंजूरानी स्वांसी, जिला कल्याण पदाधिकारी प्रमोद आनंद, छात्रावास अधीक्षक डॉ मरियम हेंब्रम, डॉ प्रमोद कुमार, छात्रनायक सामराज सोरेन, छात्र सचिव सरकार सोरेन, पूर्व छात्रनायक विनोद मुर्मू, मनोहर टुडू, दिवाकर मिश्रा, श्रीकांत कुमार, सिदामसिंह मुंडा समेत दर्जनों छात्र व सदस्य उपस्थित थे. पीजी व बीएड के लिए छात्रावास नहीं निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि आदिवासी छात्रावास में करीब पांच सौ विद्यार्थी रह रहे हैं. लेकिन यहां सिर्फ इंटर व यूजी के विद्यार्थियों के लिए रहने की व्यवस्था है, जबकि पीजी व बीएड के विद्यार्थियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में दूर-दराज से पढ़ने आये पीजी व बीएड के विद्यार्थी भी यहां रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. इसकी शिकायत कई बार की गयी. अबतक इस पर कोई पहल नहीं की गयी है, जबकि हर साल विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है. बेड में कोई इजाफा नहीं किया गया है, जबकि गर्मी के दिनों एक ही रूम में खाना बनाना व पढ़ना काफी मुश्किल हो रहा है. साहिबगंज कॉलेज में प्राचार्य ने बुके देकर किया स्वागत साहिबगंज. साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य सैयद रजा इमाम रिजवी ने सदस्य को बुके देकर स्वागत किया. उन्होंने छात्राओं से वार्ता कर उनकी समस्याओं के विषय में जानकारी ली. कहा कि अनुसूचित जनजाति आयोग संवैधानिक निकाय है. इसकी स्थापना अनुसूचित जनजातियों को शोषण के विरुद्ध सुरक्षा उपाय प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक हितों की रक्षा करने के लिए की गयी है. शिकायतों की जांच करना. अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास की योजना प्रक्रिया में भाग लेना और सलाह देना तथा केंद्र या राज्य के तहत उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करना है. मौके पर परियोजना निदेशक, आइटीडीए मंजू रानी स्वांसी, जिला कल्याण पदाधिकारी प्रमोद आनंद उपस्थित थे. आदिवासी कल्याण छात्रावास के अधीक्षक ने सौंपा ज्ञापन फोटो नं 15 एसबीजी 3 है कैप्सन – सोमवार को ज्ञापन सौपते छात्रावास अधीक्षक साहिबगंज. आदिवासी कल्याण छात्रावास के छात्रावास अधीक्षक प्रोफेसर मरियन हेंब्रम, समराज सोरेन, सरकार सोरेन, पूर्व छात्रनायक विनोद मुर्मू, मनोहर टुडू सहित दर्जनों छात्राओं ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य डॉ आशा लकड़ा को 11 सूत्री मांग-पत्र का ज्ञापन सौंपा. इसमें कहा गया कि साहिबगंज हॉस्टल में संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक होने विद्यार्थी रहने के कारण परेशानी होती है. बीएड, बीसीए, बी लिब की भी पढ़ाई होती है. इन सभी विभाग में अध्ययन कर रहे छात्र छात्रवास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. संख्या उपलब्ध सीटों से कई गुणा अधिक है. पठन-पाठन में असुविधा होती है. वर्तमान में 100 सीटों वाला छात्रावास भी रहने लायक नहीं है. इधर, बोरियो के युवा भाजपा नेता सह पूर्व जिला परिषद सदस्य बरन किस्कू ने सदस्य डॉ आशा लकड़ा को छात्रावास की स्थिति से अवगत कराया.

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