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बागपिंजरा गांव में है 3000 से अधिक जनसंख्या, मगर एक भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं

Updated at : 03 Aug 2025 10:03 PM (IST)
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बागपिंजरा गांव में है 3000 से अधिक जनसंख्या, मगर एक भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं

उधवा प्रखंड की मोहनपुर पंचायत में प्रभात संवाद का किया गया आयोजन, ग्रामीणों ने झलका दर्द, कहा

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उधवा. उधवा प्रखंड की मोहनपुर पंचायत अंतर्गत बागपिंजरा गांव में असीर शेख के आंगन में रविवार को प्रभात संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में गांव में जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित हुए. संवाद कार्यक्रम के दौरान गांव में पेयजल, शौचालय, सड़क, शिक्षा, बिजली, अबुआ आवास, पीएम आवास जैसी मुख्य समस्या तो है, परंतु गांव में प्रमुख समस्या आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका का है. आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका नहीं होने से काफी परेशानी होती है. इससे होने वाली परेशानी एवं इसके समाधान पर आपस में चर्चा करते हुए प्रशासन से समाधान की मांग की. जानकारी के अनुसार मोहनपुर पंचायत के बागपिंजरा गांव की आबादी पूरे पंचायत का लगभग एक तिहाई हिस्सा है. गांव में कई समस्या है जिसमें प्रमुख समस्या यहां आंगनवाड़ी केंद्र की है. संवाद के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में तीन वार्ड क्षेत्र हैं, जिसमें तकरीबन 1200 मतदाता हैं एवं तीन हजार से अधिक आबादी है. गांव की सैकड़ों छात्राएं विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत हैं. छात्रा के अलावा गांव में गर्भवती महिलाएं एवं किशोरी सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं. लाभुकों को मजबूरी में लंबी दूरी तय कर दूसरे गांव जाकर अन्य सेविकाओं के हस्ताक्षर उपरांत जन कल्याणकारी लाभ ले पाते हैं. दर्जनों ऐसे लाभुक हैं, जो जन कल्याणकारी योजना का लाभ लेने पात्र हैं परंतु गांव में आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका न होने पर लाभ से वंचित रह जाते हैं. वर्षों से गांव में गर्भवती महिलाएं, किशोरी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एवं आंगनवाड़ी केंद्र में अध्ययन योग्य बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित होते आ रहे हैं. दूसरे गांव की सेविकाओं का पोषक क्षेत्र न होते हुए भी यथासंभव इनके फॉर्म में हस्ताक्षर कर देते हैं ताकि कोई प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत न हो. परंतु मुख्य मुद्दा यह है कि हम कब तक दर-दर भटकते रहेंगे जबकि हमारे बागपिंजरा गांव में आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका बहाली के लिए सभी मानक पूर्ण हैं परंतु अब तक विभाग इस पर पहल क्यों नहीं कर रहे हैं. उक्त बातें प्रभात संवाद कार्यक्रम के उपस्थित लोगों ने चर्चा के दौरान की. यह भी जानकारी मिली कि वर्षों से गांव में आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका बहाली को लेकर प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला कार्यालय तक मांग रखकर थक चुके हैं, परंतु इस पर अबतक पहल नहीं हुई है. ताजा जानकारी मिली कि बीते 29 जुलाई को दर्जनों ग्रामीणों, वार्ड सदस्यों, मुखिया एवं जिप सदस्य के संयुक्त हस्ताक्षर कर गांव में आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका बहाली को लेकर जिला उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला सामाज कल्याण पदाधिकारी साहिबगंज आदि कार्यालयों में आवेदन सौंपा गया है. इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव में नियमतः आंगनवाड़ी केंद्र/सेविका बहाली पर चर्चा की गयी एवं कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पर अपनी – अपनी राय व्यक्त की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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