सीएचसी में टेक्निशियन नहीं, खराब हो रही सीबीसी और एक्सरे मशीन

Updated at : 04 May 2025 5:32 PM (IST)
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सीएचसी में टेक्निशियन नहीं, खराब हो रही सीबीसी और एक्सरे मशीन

सीएचसी में टेक्निशियन नहीं, खराब हो रही सीबीसी और एक्सरे मशीन

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मरीजों को एक्स-रे करवाने 35 किमी दूर बंगाल जाना मजबूरी प्रतिनिधि, पाकुड़िया: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाकुड़िया विभागीय अधिकारियों की उदासीनता का शिकार बना हुआ है. पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण जहां एक ओर सीएचसी में रखी सीबीसी मशीन धूल फांक रही है, वहीं लाखों रुपये की लागत से सरकार द्वारा अस्पताल में दी गई डिजिटल एक्सरे मशीन भी यूं ही बेकार पड़ी है. डिजिटल एक्सरे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद टेक्नीशियन के अभाव में लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. जबकि विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व ही यह मशीन अस्पताल में उपलब्ध कराई गई थी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को एक्सरे के लिए दूर-दराज न जाना पड़े. लेकिन अधिकारियों की बेरुखी के चलते आज तक इस मशीन के संचालन के लिए टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं हो सकी है. इस कारण क्षेत्र के लोगों को एक्सरे कराने के लिए यहां से 35 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट जाना पड़ता है, जिससे न केवल परेशानी बढ़ती है बल्कि खर्च भी ज्यादा होता है. अस्पताल के एक कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां ऐसे कई मरीज आते हैं जिन्हें एक्सरे की जरूरत होती है, लेकिन सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया जाता है. सीबीसी मशीन से हीमोग्लोबिन, टोटल ल्यूकोसाइट काउंट, डिफरेंशियल ल्यूकोसाइट काउंट, ईएसआर सहित अन्य ब्लड जांचें की जाती हैं. हालांकि उच्चाधिकारियों द्वारा मशीन चलाने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन स्टाफ की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट पर होने और वेतन पर्याप्त न होने के कारण मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है. एक्सरे वाले मरीजों को किया जाता है रेफर स्थानीय लोगों और अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों ने बताया कि अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन होने के बावजूद इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. जो भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं, उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है. लोगों ने बताया कि अधिकतर मरीज रामपुरहाट, पश्चिम बंगाल चले जाते हैं क्योंकि वह नजदीक है. चिकित्सा पदाधिकारी ने दी जानकारी इस संबंध में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भरत भूषण ने बताया कि अस्पताल में सीबीसी और एक्सरे मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन टेक्नीशियन की कमी के कारण उन्हें शुरू नहीं किया जा सका है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इन्हें चालू कर दिया जाएगा ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके, इसके लिए प्रयास जारी है. क्या कहती हैं स्थानीय जनप्रतिनिधि मुखिया अनिता सोरेन ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पताल में एक्सरे मशीन उपलब्ध कराने के बावजूद इसका उपयोग न होना मरीजों के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यदि यहां एक्सरे की सुविधा शुरू हो जाए तो लोगों को बंगाल नहीं जाना पड़ेगा और मशीन पर हुआ खर्च भी सार्थक हो सकेगा. नहीं तो मशीन लंबे समय तक पड़ी-पड़ी खराब हो जायेगी.

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