तालझारी के पशु चिकित्सालय की जर्जर छत से रिसता है पानी, दिखने लगे हैं छड़

Updated at : 28 Sep 2024 11:59 PM (IST)
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तालझारी के पशु चिकित्सालय की जर्जर छत से रिसता है पानी, दिखने लगे हैं छड़

बीते अगस्त माह में डीसी ने निरीक्षण के दौरान भवन की मरम्मत का दिया था आश्वासन

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तालझारी . प्रखंड परिसर स्थित पशु चिकित्सालय केंद्र जर्जर अवस्था में है. छत में लगा छड़ दिखने लगा है. आये दिन छत का प्लास्टर टूट कर गिरते रहता है, जिससे दुर्घटना होने का संभावना बनी रहती है. पशु चिकित्सालय में पदस्थापित कर्मी स्टोर रूम से पशु से संबंधित दवाई निकालने से डरते हैं. किसी तरह बच बचाव कर अपने कार्यों को करने पर मजबूर हैं, जबकि पशुपालकों का पशुओं को लेकर पशु चिकित्सालय में आना लगा रहता है. जानकारी के अनुसार तालझारी प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय केंद्र भवन बहुत पुराना हो चला है. मरम्मत के अभाव में जर्जर हो गया है. केंद्र में एक कार्यालय व दो स्टोर रूम है. दवाई के स्टोर रूम काफी जर्जर होने के कारण बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है. स्टोर रूम का छत टूट कर गिरते रहता है. लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के कारण जर्जर छत से पानी रिस रहा है, जिससे दवाई खराब होने की संभावना है. पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिर्वण महतो ने बताया कि पशु चिकित्सालय केंद्र जर्जर होने की सूचना बीडीओ सहित वरीय पदाधिकारी को दी गयी है. अगस्त में डीसी पशु चिकित्सालय केंद्र का निरीक्षण कर उन्हें मरम्मत कराने की बात कहकर गये थे. अभी तक विभाग की ओर से कार्य शुरू नहीं किया गया. बारिश के मौसम करने के कारण स्टोर रूम के छत से पानी रिस रहा है. पशु चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड अंतर्गत दो पशु चिकित्सालय केंद्र है, जिसमें एक महाराजपुर कल्याणी पंचायत भवन के समीप व दूसरा प्रखंड परिसर स्थित पशु चिकित्सालय केंद्र है. पशु चिकित्सालय तालझारी में मात्र तीन कर्मचारियों पर निर्भर है, जिसमें एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के रूप में अशोक पोद्दार व रात्रि पहरी के रूप में प्रेमलता है. एक पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिर्वण महतो कार्यरत हैं. एक तृतीय वर्ग के कर्मचारी का पद खाली है. पशु चिकित्सालय केंद्र में मौसमी बीमारी को लेकर पशुओं से संबंधित इलाज के लिए पशुपालक पहुंच रहे हैं. पशु चिकित्सालय केंद्र तालझारी में ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालक दवाई लेने आते हैं. इन दिनों विशेष कर बकरियों में सर्दी खांसी, बुखार, लूज मोशन जैसे से ग्रस्त पशुओं के लिए दवाई लेने पहुंचते हैं. पशु चिकित्सालय केंद्र में मौसमी बीमारी को लेकर प्रतिदिन 20-25 पशुपालक दवाई के लिए पहुंच रहे हैं. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पशुधन विकास योजना के तहत क्षेत्र के पशुपालकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए 2024 में अबतक 80 यूनिट बत्तख, 70 यूनिट बकरी एवं तीन यूनिट सुगर लाभुकों को दिया गया है. पशुओं में मौसमी बीमारी को लेकर इस वर्ष पीपीआर टीकाकरण अभियान चलाकर 1025 पशुओं का टीकाकरण किया गया. प्रखंड स्थित पशु चिकित्सालय केंद्र में पेयजल की व्यवस्था नहीं है. बताया गया कि पशु चिकित्सालय केंद्र के समीप पेयजल के लिए एक चापाकल है जो मरम्मत के अभाव में खराब पड़ा हुआ है. इससे पदस्थापित कर्मियों को पेयजल सहित दैनिक कार्यों में काफी परेशानियों का समाना करना पड़ता है. क्या कहते हैं कर्मचारी पशु चिकित्सालय केंद्र काफी जर्जर अवस्था है. छत से प्लास्टर टूट कर गिरता है. इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है. यहां पानी की समस्या है. एक चापानल है जो मरम्मत के अभाव में खराब है. -अशोक पोद्दार, कर्मचारी, पशु चिकित्सा कहते हैं पशु चिकित्सा पदाधिकारी पशु चिकित्सालय केंद्र काफी जर्जर है. मरम्मत की जरूरत है. जांच जिला डीसी की ओर से भी की गयी है. भवन जर्जर हो जाने के कारण छत से बारिश का पानी रिसता रहता है, जिससे दवाई खराब होने की संभावना है. केंद्र में पशुओं के लिए प्रर्याप्त मात्रा में दवाई उपलब्ध है. -डॉ अनिर्वण महतो, पशु चिकित्सा पदाधिकारी, तालझारी

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