शव के गांव पहुंचने के बाद परिजनों में मची चीख-पुकार, छाया मातमी सन्नाटा

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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

परिजनों में भी शोक का माहौल है.

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पतना. चूहा मारने के चक्कर में गंगा नदी पार करने के दौरान नाव डूब जाने से कहां हांसदा 39 की भी मौत हो गयी है. उनका शव नदी से बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिये परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजन उसे लेकर रांगा थाना क्षेत्र के झुमरबाद गांव पहुंचे, जहां रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया. मृतक कहां हांसदा की पत्नी कर्मी मरांडी ने बताया कि उनकी दुनिया ही उजड़ गयी है. उनके पीछे दो बेटियां और दो बेटे हैं, ऐसे में अब उनका भरण-पोषण कौन करेगा. कर्मी मरांडी ने बताया कि गांव के सभी लोग चूहा मारने के लिये नदी के पार दियारा के इलाके में प्रत्येक साल जाते हैं. उनके पति भी अन्य लोगों के साथ चले गये थे. उन्हें हल्का तैरना आता था लेकिन पानी की तेजधार ने उन्हें अपने चपेट में ले लिया और उनकी मौत हो गयी. उनकी मौत के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा छाया हुआ है. विदित हो कि दो लोगों का शव एक दिन पूर्व बरामद किया गया था. वहीं, तालझारी थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर निवासी साम बास्की (26) का शव भी बरामद किया गया है. ऐसे तो साम बास्की झूमरबांध गांव के ही रहने वाले हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह अपने ससुराल में अपनी पत्नी मरांकुड़ी टुडू के साथ ही रह रहे थे. इस कारण उनका शव बैजनाथपुर भेजा गया है. वह अपने पीछे दो बेटी एवं एक बेटा को छोड़ इस दुनिया से अलविदा हुये हैं. उनके परिजनों में भी शोक का माहौल है.

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