सड़क पर उग आये पौधे उच्चस्तरीय जांच मांग

Updated at : 07 Mar 2017 4:39 AM (IST)
विज्ञापन
सड़क पर उग आये पौधे उच्चस्तरीय जांच मांग

बोरियो : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत करोड़ों की लागत से तसर सेंटर भाया मुर्गाबनी से पादन तक पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितता के शिकायत पर बोरियो विधायक ताला मरांडी ने उक्त सड़क का निरीक्षण किया. इस दौरान विभागीय संवेदक द्वारा व्यापक पैमाने में बरती गई अनियमितता सामने आयी. विधायक ने बताया […]

विज्ञापन

बोरियो : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत करोड़ों की लागत से तसर सेंटर भाया मुर्गाबनी से पादन तक पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितता के शिकायत पर बोरियो विधायक ताला मरांडी ने उक्त सड़क का निरीक्षण किया. इस दौरान विभागीय संवेदक द्वारा व्यापक पैमाने में बरती गई अनियमितता सामने आयी. विधायक ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य है महज नौ माह के दरमयान उक्त सड़क के बीचों बीच पौधे उग गये हैं. जगज-जगह दरारें पड़ गयी है.

महज नौ माह से सड़क जर्जर होना कई सवाल खड़े करते हैं. इधर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत करोड़ों की लागत से बनी शीतलपुर जेटके से महाकुली तक बनी सड़क का भी जांच की गयी. यहां भी कई अनियमितताएं सामने आयीं हैं. जगह-जगह सड़क पर दरारें पड़ गयीं हैं.

इस पर विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों निर्माण कार्य का उच्चस्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी. मौके पर उपेंद्र भगत, उदयानंद साह, नरेंद्र शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे.
बदहाली में जी रहे पहाड़िया परिवार
बरहरवा : देश की आजादी के 70 वर्ष बाद भी प्रखंड के शहरी पंचापयत अंतर्गत गुटीझरना पहाड़ क्षेत्र का विकास नहीं हुआ है. यहां के आदिम जनजाति समुदाय के लोग आज भी बदहाली में ही जीवन यापन कर रहे हैं. हालात यह है कि गांव में ना तो बिजली है ना ही पानी की सुविधा.
सरकार पहाड़िया जनजाति के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है. वहीं विभिन्न याेजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च भी कर रही है. लेकिन हकीकत यह है कि पहाड़ पर रहने वाले लोगों को मुलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही है. गुटीझरना पहाड़ में पहाड़िया जनजाति के 25 घर हैं. जिसमें लगभग 120 लोग रहते हैं. इनका आजीविका का मुख्य साधन पशुपालन व खेती है. गांव के गहना मालतो, कारू मालतो, गुई मालतो, बमरा मालतो, नीरू मालतो आदि ने बताया कि वर्ष में पहाड़ पर एक फसल खेती के माध्यम से होती है. जिसमें बाजरा, मकई व बरबट्टी की उपज हमलोग करते हैं. सिंचाई की पहाड़ में कोई व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण खेतों में उपज काफी कम होती है. एक ओर जहां सरकार हर गरीब को अपना मकान देने का नारा लगा रही है. वहीं पहाड़ में रहने वाले लोगों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का भी कोई लाभ नहीं मिला है.
नहीं है पेयजल की व्यवस्था : प्रखंड में पेयजल व स्वच्छता विभाग सिर्फ कागजों पर चल रहा है. विभाग के कनीय अभियंता व कोई भी कर्मचारी पहाड़ों पर नहीं पहुंचते हैं. गुटीझरना पहाड़ में पहाड़िया समुदाय के लोगों के लिये पेयजल व स्वच्छता विभाग के द्वारा एक भी चापाकल नहीं लगाया गया है. पहाड़िया जनजाति के लोग पीने का पानी लाने के लिये तीन किमी दूर पहाड़ी कुआं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं. ग्रामीणों ने बताया की मई, जून के महीने में पीने की पानी की काफी किल्लत हो जाती है.
स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल .
सरकार लाखों रुपये लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रत्येक महीने खर्च करती है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग की द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में कोई पहुंच नहीं है. गुटीझरना पहाड़ में बच्चों व गर्भवती महिलाओं को विभाग के द्वारा टीकाकरण भी नहीं किया जाता है. लोगों ने बताया कि छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी 20 किमी दूर हिरणपुर जाना पड़ता है. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा स्वास्थ्य सुविधा नहीं दिये जाने के कारण पहाड़ों में रहने वाले पुरुष व महिलाएं एनीमिया रोग से पीड़ित हैं. ऐसे में पहाड़िया जनजाति के लोग छोटी-मोटी बीमारियों के कारण भी असमय काल के गाल में समा जाते हैं.
गांव तक पहुंचने के लिये नहीं है सड़क : शहरी पंचायत के गुटीझरना पहाड़ पतना प्रखंड मुख्यालय से शहरी जाने तक की तो पक्की सड़क है लेकिन शहरी से गुटीझरना पहाड़ जाने के लिये सिर्फ दो पहिया वाहन का ही सहारा लिया जा सकता है. चार पहिया वाहन का तो पहुंचना ही मुश्किल है. गांव तक पहुंचने के लिये पहाड़ों से होकर पथरीले कांटेदार रास्ते हैं. गांव के लोगों को पक्की सड़क कब नसीब होगी यह किसी को नहीं पता.
पहाड़ों पर अक्सर बंद रहते हैं स्कूल : गुटीझरना पहाड़ पर बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक विद्यालय खोला गया है. लेकिन विद्यालय में गुरुजी लोगों के अनुसार महीने में एक-दो बार आते हैं. ऐसे में सभी शिक्षित हों के सरकार के सपने को शिक्षा विभाग के द्वारा ही ध्वस्त किया जा रहा है.
क्या कहते हैं जिला कल्याण पदाधिकारी
गुटीझरना पहाड़ पर पदाधिकारियों को भेज कर वहां की स्थिति से अवगत होकर गांव की विकास को लेकर सार्थक प्रयास किया जायेगा.
उत्तम भगत, जिला कल्याण पदाधिकारी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola