ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए भरी हामी, कहा- इस्लामाबाद जाने से कभी नहीं किया मना

Updated at : 04 Apr 2026 6:57 PM (IST)
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Iran-US Mediation Talks pakistan islamabad abbas araghchi

तस्वीर में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची.

Iran-US Mediation Talks: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें फिर से चर्चा में हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि उनके देश ने इस्लामाबाद जाकर बातचीत करने से कभी इनकार नहीं किया.

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Iran-US Mediation Talks: उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से दिखा रहा है. अराघची ने कहा कि वे पाकिस्तान की कोशिशों के लिए शुक्रगुजार हैं, लेकिन उनका असली मकसद उस ‘अवैध जंग’ को खत्म करना है जो उन पर थोपी गई है.

पाकिस्तान की कोशिशों पर उठा था सवाल

इससे पहले ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान ने अपने अधिकारियों को इस्लामाबाद भेजने से मना कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान का मानना था कि अमेरिका की शर्तें मंजूर करने लायक नहीं हैं, जिसकी वजह से बातचीत रुक गई है. हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही ये बातें मनगढ़ंत हैं और पाकिस्तान की कोशिशें अभी भी जारी हैं.

जेडी वेंस की अगुवाई में एक टीम बातचीत के लिए पाकिस्तान आने को तैयार थी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में एक टीम बातचीत के लिए पाकिस्तान आने को तैयार थी. लेकिन इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर बड़े हमले की धमकी दे दी. ‘एक्सियोस’  की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक डील को लेकर चर्चा चल रही है, जिसमें ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोलने पर सहमत हो सकता है और बदले में जंग रोकी जा सकती है. ट्रंप ने कहा है कि वह दो-तीन हफ्ते में ऑपरेशन खत्म कर देंगे, लेकिन साथ ही ईरान के पुलों और पावर प्लांट पर हमले की चेतावनी भी दी है.

जंग के बीच नए ठिकानों की तलाश

जंग के मैदान में हालात काफी तनावपूर्ण हैं. 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों के बाद से यह लड़ाई शुरू हुई थी. शनिवार को भी ईरान के न्यूक्लियर प्लांट, पेट्रोकेमिकल हब और सीमेंट फैक्ट्री को निशाना बनाया गया. इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई बड़े कमांडरों की मौत हो चुकी है. अब तुर्की और मिस्र जैसे देश इस गतिरोध को तोड़ने के लिए दोहा या इस्तांबुल जैसे शहरों में बातचीत कराने का नया प्लान तैयार कर रहे हैं.

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शांति के लिए पाकिस्तान का फाइव-पॉइंट प्लान

पाकिस्तान इस संकट को सुलझाने के लिए चीन के साथ मिलकर काम कर रहा है. ‘पीटीआई’ (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने सऊदी समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से इस्लामाबाद और बीजिंग द्वारा प्रस्तावित ‘फाइव-पॉइंट शांति योजना’ पर चर्चा की है. यह प्रस्ताव चीनी विदेश मंत्री वांग यी और इशाक डार की बीजिंग में हुई मुलाकात के बाद तैयार किया गया है, ताकि पश्चिम एशिया में जारी इस बड़े संघर्ष को रोका जा सके.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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