जिले में तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित

Updated at : 18 Aug 2017 5:38 AM (IST)
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जिले में तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित

हड़ताल. दूसरे दिन भी 100 पोस्ट ऑफिस रहे बंद हड़ताल के दूसरे दिन भी रजिस्ट्री, जमा निकासी व स्पीड पोस्ट का काम बंद रहा. केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ डाक कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की. मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का अल्टीमेटम कर्मियों ने दिया है. साहिबगंज : अखिल भारतीय […]

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हड़ताल. दूसरे दिन भी 100 पोस्ट ऑफिस रहे बंद

हड़ताल के दूसरे दिन भी रजिस्ट्री, जमा निकासी व स्पीड पोस्ट का काम बंद रहा. केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ डाक कर्मियों ने जमकर नारेबाजी की. मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का अल्टीमेटम कर्मियों ने दिया है.
साहिबगंज : अखिल भारतीय ग्रामीण सेवक यूनियन संताल परगना प्रमंडल दुमका के आह्वान पर गुरुवार को साहिबगंज मुख्य डाक घर के सामने प्रमंडलीय अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में ग्रामीण डाक सेवक सात सूत्री अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर दूसरे दिन भी रहे. दो दिन तक हड़ताल होने पर पूरे जिले से तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है. पूरे जिले में 87 ग्रामीण व 13 शहरी पोस्ट ऑफिस हैं. जिसमें साढ़े तीन सौ पदाधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं.
हड़ताल रहने के कारण रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट, जमा, निकासी कुछ नहीं हुआ. जिसके कारण तीन करोड के राजस्व का नुकसान हुआ है. इधर अपनी मांगे पूरी नहीं होने से निराश डाक कर्मियों ने केंद्र की नीतियों से बाध्य होकर हड़ताल जारी रहा. प्रमंडलीय अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि जीडीएस कमेटी की सिफारिश एवं सप्तम वेतन आयोग द्वारा रिपोर्ट जमा करने के बाद भी सरकार की ओर से अभी तक ग्रामीण डाक कर्मियों को सातवें वेतन का लाभ नहीं मिला.
इसके पूर्व यूनियन के ओर से भारत सरकार एवं डाक विभाग के सचिव को 25 अप्रैल को ही अनिश्चित कालीन हड़ताल की अधिसूचना दी गयी थी. लेकिन डाक विभाग द्वारा हड़ताल निरस्त करने के लिये 24 अप्रैल को डाक विभाग के उच्च स्तरीय पदाधिकारियों एवं यूनियन के पदाधिकारियों के साथ लिखित समझौता में आश्वासन दिया गया कि जल्द से जल्द ग्रामीण डाक सेवकों को सातवें वेतन का लाभ दिया जायेगा बल्कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक डाक विभाग और भारत सरकार की ओर से कोई पहल नहीं किया गया. जबकि ग्रामीण डाक सेवकों का सातवें वेतन कमेटी का रिपोर्ट वित्त मंत्रालय में रखा हुआ है. सरकार की नकारात्मक पहलू को देखते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. जब तक सरकार हम सभी कर्मियों का समाधान नहीं करेंगे. हड़ताल जारी रहेगा.
इस बार आश्वासन से नहीं मानने वाले हैं. मौके पर अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय, सह सचिव सुरेश सिंह, संगठन सदस्य डोमन मंडल, शिवशंकर दास, जयदेव प्रसाद तांती, शेख अजाबुल, महेंद्र मोदी, अशोक कुमार, इस्लाम अंसारी, मंटू ठाकुर, सौरभ झा, ललन कुमार, जियाउल हक, इसहाक, नजरुल हक, मुकेश सिंह, नंद कुमार, राम अवतार यादव, शमशेर आलम, भगवान पासवान, पार्वती कुमारी, सत्यनारायण सहित कई डाक कर्मी मौजूद थे.
क्या हैं मांगे
जीडीएस कमेटी की रिपोर्ट को जाइजीडीएसयू के द्वारा दिये गये सुझावों को सातवें वेतन के साथ जल्द लागू की जाये, ग्रामीण डाक सेवकों को पेंशन लागू की जाये, केंद्रीय कैट मद्रास बैच के आदेशानुसार जीडीएस को पेेंशन लागू करें, ग्रामीण डाक सेवकों को आठ घंटे कार्य एवं विभागीय करण किया जाये, जीडीएस का टारगेट के नाम से परेशानी एवं उत्पीड़न करना बंद करने की मांग की है.
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